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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:43 · नई दिल्ली संस्करण

जनकपुरी हादसा: द्वारका कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से अब तक की जांच पर स्टेटस रिपोर्ट मांगी

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
जनकपुरी हादसा: द्वारका कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से अब तक की जांच पर स्टेटस रिपोर्ट मांगी

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी के जनकपुरी में गड्ढे में गिरने से बाइक सवार की मौत के मामले में द्वारका कोर्ट ने बुधवार को सुनवाई की। इस मामले में कोर्ट ने अब तक की जांच को लेकर दिल्ली पुलिस से स्टेटस रिपोर्ट मांगी है।

द्वारका कोर्ट ने बुधवार को सुनवाई करते हुए घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी की कार्यशील स्थिति पर डिटेल रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने पुलिस से यह स्पष्ट करने को कहा है कि जांच किस चरण में है और अब तक क्या सबूत जुटाए गए हैं। इसके अलावा, कोर्ट ने यह भी पूछा है कि सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध है या नहीं और अगर कैमरे काम नहीं कर रहे थे तो उसके कारण क्या थे।

जनकपुरी में पिछले गुरुवार को 25 साल के बाइकर कमल ध्यानी की गड्ढे में गिरने से मौत हो गई थी। यह गड्ढा दिल्ली जल बोर्ड के प्रोजेक्ट के तहत खोदा गया था।

दिल्ली पुलिस ने इस मामले में अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें प्रोजेक्ट के सब-कॉन्ट्रैक्टर राजेश प्रजापति और साइट सुपरवाइजर योगेश जोगिंदर सिंह शामिल हैं।

एफआईआर में प्रोजेक्ट साइट पर सेफ्टी उपायों में गंभीर चूक का पता चला। एफआईआर के मुताबिक, दिल्ली जल बोर्ड के प्रोजेक्ट के तहत खोदे गए गड्ढे को मेन रोड पर बिना किसी वॉर्निंग साइन, रिफ्लेक्टर, बैरिकेड, लाइटिंग या सिक्योरिटी इंतजाम के खुला छोड़ दिया गया था।

एफआईआर में आगे कहा गया है कि संबंधित डिपार्टमेंट और कॉन्ट्रैक्टर को पता था कि पब्लिक रोड पर बिना सेफ्टी उपायों के खुला गड्ढा छोड़ने से जान जा सकती है, फिर भी कोई सावधानी या सिक्योरिटी गार्ड तैनात नहीं किए गए।

इस घटना के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सभी विभागों को समय पर कार्रवाई करने का आदेश दिया और ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए सभी काम करने वाली एजेंसियों को आठ-पॉइंट सेफ्टी निर्देश जारी किए। मुख्यमंत्री ने सेफ्टी नियमों को सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया और अधिकारियों और कॉन्ट्रैक्टरों की साफ जवाबदेही तय करने को कहा है।

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