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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:31 · नई दिल्ली संस्करण

जम्मू-कश्मीर: मीरवाइज उमर फारूक ने प्रशासन पर लगाया आरोप, कहा- मुझे घर में किया गया है नजरबंद

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
जम्मू-कश्मीर: मीरवाइज उमर फारूक ने प्रशासन पर लगाया आरोप, कहा- मुझे घर में किया गया है नजरबंद

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के नेता मीरवाइज उमर फारूक ने शुक्रवार को कथित नजरबंदी के कारण जामिया मस्जिद में नमाज-ए-जुमा अदा नहीं कर पाए। इसे लेकर उन्होंने सरकार पर निशाना साधा है।

मीरवाइज उमर फारूक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक फोटो साझा किया है जिसमें कुछ पुलिस वाले दिखाई दे रहे हैं।

उन्होंने लिखा कि एक और शुक्रवार और एक बार फिर अधिकारियों ने मुझे जामा मस्जिद जाने की इजाजत नहीं दी। यह बहुत दुख की बात है कि मैं इस असामान्य रूप से सूखी सर्दियों में बारिश और बर्फबारी के लिए सामूहिक दुआ में नमाजियों की अगुवाई नहीं कर सका। हमारी दुआएं ही हमारी ताकत हैं, अल्लाह उन्हें कुबूल करे।

इससे पहले मीरवाइज ने एक दावे में कहा था कि जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने उन्हें घर में नजरबंद कर दिया है।

उन्होंने अपनी बात को दोहराते हुए कहा कि वह जम्मू-कश्मीर की जनता के प्रति जवाबदेह हैं। उन्होंने कश्मीर समस्या के शांतिपूर्ण समाधान के लिए हमेशा बातचीत का ही समर्थन किया और कभी भी किसी से समझौता नहीं किया।

उन्होंने कहा, "जब मेरे पिता की हत्या हुई थी तो मैं एक नाबालिग था और बहुत छोटी आयु में धार्मिक और सामाजिक ज़िम्मेदारियां संभालनी पड़ी।

बता दें कि इससे पहले भी 2 जनवरी को मीरवाइज उमर फारूक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक बयान जारी किया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि जिस दिन उन्हें जामा मस्जिद में नमाज के दौरान लोगों को संबोधित करना चाहिए था, उस दिन वे सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी बात रखने को मजबूर हैं, क्योंकि एक बार फिर उन्हें नजरबंद कर दिया गया है।

मीरवाइज उमर फारूक ने कहा था कि साल 2026 की शुरुआत भले ही उम्मीदों के साथ हो रही हो, लेकिन साल 2025 की दर्दनाक यादें अब भी लोगों के दिलो-दिमाग में ताजा हैं। बीता साल त्रासदी और अनिश्चितता से भरा रहा। पहलगाम में हुए भयावह हमले ने पूरे कश्मीर को झकझोर कर रख दिया था। घाटी में सभी वर्गों ने इस हमले की एक सुर में निंदा की, लेकिन इसके बाद आम लोगों में गहरा डर और बेचैनी फैल गई। कई जगहों पर लोगों को निशाना बनाया गया और उनके घरों को तोड़ा गया।

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