मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:22 · नई दिल्ली संस्करण

जम्मू-कश्मीर: ओवर ग्राउंड वर्कर्स के खिलाफ कार्रवाई, हिरासत में लिए गए 150 से ज्यादा लोग

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
जम्मू-कश्मीर: ओवर ग्राउंड वर्कर्स के खिलाफ कार्रवाई, हिरासत में लिए गए 150 से ज्यादा लोग

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षा बलों ने शनिवार को आतंकवादी संगठनों के ओवर ग्राउंड वर्कर्स (ओजीडब्ल्यू) के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की और पूछताछ के लिए 150 से ज्यादा संदिग्धों को हिरासत में लिया।

पुलिस ने बताया कि श्रीनगर में अब तक 150 से ज्यादा संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है, जबकि घाटी के कई हिस्सों में ओवर ग्राउंड वर्कर्स के खिलाफ कार्रवाई जारी है।

एक अधिकारी ने बताया कि बैन संगठन जैश-ए-मोहम्मद और घाटी के दूसरे आतंकी संगठनों के टेरर नेटवर्क को खत्म करने के लिए ओजीडब्ल्यू के खिलाफ यह कार्रवाई शुरू की गई है।

उन्होंने कहा कि ओजीडब्ल्यू नेटवर्क के खिलाफ बड़े पैमाने पर चल रही कार्रवाई के तहत कश्मीर घाटी के कई हिस्सों में कई जगहों पर छापे मारे जा रहे हैं।

जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षा बल आतंकवाद के पूरे सपोर्ट सिस्टम को खत्म करने की नई रणनीति के तहत आतंकवादियों, उनके ओजीडब्ल्यू और हमदर्दों के खिलाफ आक्रामक ऑपरेशन चला रहे हैं।

ड्रग तस्कर, ड्रग पेडलर और हवाला मनी रैकेट और दूसरी गैर-कानूनी फाइनेंशियल एक्टिविटी में शामिल लोग भी सुरक्षा बलों की नजर में हैं। माना जाता है कि ड्रग तस्करी और गैर-कानूनी फाइनेंशियल एक्टिविटी से मिले फंड का इस्तेमाल आखिर में जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को सपोर्ट करने के लिए किया जाता है।

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल नियमित रूप से सुरक्षा समीक्षा बैठकें कर रहे हैं।

उन्होंने सुरक्षा बलों को आतंकवाद के खिलाफ 360-डिग्री अप्रोच अपनाने का निर्देश दिया है ताकि सिर्फ़ बंदूक चलाने वाले आतंकवादियों पर ध्यान देने के बजाय, आतंकवाद के पूरे सपोर्ट सिस्टम को खत्म किया जा सके और जम्मू-कश्मीर में स्थायी शांति लाई जा सके।

जबकि, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षा बल अंदरूनी इलाकों में आतंकवाद विरोधी ड्यूटी पर तैनात हैं, सेना और बीएसएफ नियंत्रण रेखा (एलओसी) और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर घुसपैठ, बाहर निकलने, ड्रग तस्करी और सीमा पार से ड्रोन गतिविधियों को रोकने के लिए तैनात हैं।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें