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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:56 · नई दिल्ली संस्करण

जयशंकर मंगोलिया और दक्षिण कोरिया के दौरे पर, रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को मिलेगा बढ़ावा

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
जयशंकर मंगोलिया और दक्षिण कोरिया के दौरे पर, रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को मिलेगा बढ़ावा

नई दिल्ली। भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर 22 से 25 जून तक मंगोलिया और कोरिया गणराज्य की आधिकारिक यात्रा करेंगे। इस यात्रा का उद्देश्य भारत की द्विपक्षीय साझेदारी को मजबूत करने के साथ ही रणनीतिक, आर्थिक और तकनीकी क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाना है।

विदेश मंत्रालय ने सोमवार को इस दौरे की घोषणा करते हुए कहा कि जयशंकर 24 और 25 जून को दक्षिण कोरिया जाने से पहले 22 और 23 जून को मंगोलिया जाएंगे।

विदेश मंत्रालय ने कहा, “विदेश मंत्री 22 और 23 जून को मंगोलिया जाएंगे। इस दौरे के दौरान वह मंगोलिया के शीर्ष नेतृत्व से मिलेंगे और अपने समकक्ष विदेश मंत्री बी बत्त्सेत्सेग के साथ चर्चा करेंगे।

बयान में आगे कहा गया, “विदेश मंत्री 24 और 25 जून को दक्षिण कोरिया का दौरा करेंगे। इस दौरे के दौरान जयशंकर दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्युन के साथ बातचीत करेंगे। वह 25 जून को जेजू में जेजू फोरम फॉर पीस एंड प्रॉस्पेरिटी में मुख्य भाषण भी देंगे।”

मंगोलिया दौरे पर दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग की समीक्षा करने और लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को मजबूत करने पर ध्यान देने की उम्मीद है।

भारत और मंगोलिया सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और लोकतांत्रिक मूल्यों में निहित घनिष्ठ संबंध साझा करते हैं। भारत और मंगोलिया ने 24 दिसंबर 1955 को राजनयिक संबंध स्थापित किए। मंगोलिया ने अगले वर्ष नई दिल्ली में अपना दूतावास खोला जबकि भारत ने 22 फरवरी 1971 को उलानबटार में अपना रेजिडेंट मिशन खोला। भारत की पहल से राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग के स्थिर विस्तार का मार्ग प्रशस्त हुआ।

यह यात्रा 13 अक्टूबर 2025 को मंगोलियाई राष्ट्रपति खुरेलसुख उखना की भारत यात्रा के दौरान जयशंकर से मुलाकात के कुछ महीनों बाद हो रही है। इस बातचीत को द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करने में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।

इससे पहले अप्रैल 2026 में दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति लीजे म्युंग ने भारत का दौरा किया था। इसके बाद अब डॉ. एस जयशंकर के दौरे पर भारत-रिपब्लिक ऑफ कोरिया द्वारा संयुक्त रणनीतिक दृष्टिकोण के रोड मैप को आगे बढ़ाने पर बातचीत होने की उम्मीद है।

बातचीत का फोकस सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जरूरी मिनरल और नई तकनीकी में सहयोग होने की उम्मीद है।

दोनों पक्षों के बीच सप्लाई चेन की मजबूती को बल देने, रक्षा सहयोग बढ़ाने और भारत-कोरिया व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (सीईपीए) के तहत हुई प्रगति का आकलन करने की कोशिशों की समीक्षा करने की भी उम्मीद है।

इस दौरे से भारत और दक्षिण कोरिया के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। साथ ही, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में मुख्य साझेदारों के साथ भारत के जुड़ाव को भी मजबूती मिलेगी।

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