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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:20 · नई दिल्ली संस्करण

मनीला में जयशंकर की अहम कूटनीतिक बैठकें, श्रीलंका, बांग्लादेश और ईयू नेताओं से मुलाकात

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
मनीला में जयशंकर की अहम कूटनीतिक बैठकें, श्रीलंका, बांग्लादेश और ईयू नेताओं से मुलाकात

मनीला,। भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर आसियान समिट में शामिल होने के लिए फिलीपींस के मनीला पहुंचे हुए हैं। इस दौरान उन्होंने यूरोपीय आयोग की उपाध्यक्ष काजा कैलास से मुलाकात की। इसके साथ ही विदेश मंत्री ने अपने श्रीलंकाई और बांग्लादेशी समकक्ष विजिथा हेराथ और खलीलुर रहमान से मुलाकात की।

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने श्रीलंका और बांग्लादेश के अपने समकक्षों के साथ मुलाकात की तस्वीरें साझा कर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "एआरएफ मीटिंग के दौरान श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिथा हेराथ और बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान से मिलकर खुशी हुई।

" वहीं एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिखा, "ईयू की एचआरवीपी काजा कैलास से मिलकर अच्छा लगा।"

विदेश मंत्रालय की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर 22-23 जुलाई 2026 को मनीला, फिलीपींस के दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने आसियान फ्रेमवर्क के तहत विदेश मंत्री लेवल की मीटिंग्स में हिस्सा लिया।

इन बैठकों में आसियान-इंडिया, ईस्ट एशिया समिट (ईएएस) और आसियान रीजनल फोरम (एआरएफ) मीटिंग्स शामिल है।

बता दें, आसियान से इतर, विदेश मंत्री ने फिलीपींस की विदेश मंत्री मा. थेरेसा पी. लाजारो, ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष सीनेटर पेनी वोंग, चीनी समकक्ष वांग यी, अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो, रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव, सिंगापुर के विदेश मंत्री विवियान बालाकृष्णन, कनाडाई समकक्ष अनिता आनंद, थाईलैंड के सिहासक फुआंगकेटकेओ, न्यूजीलैंड के विंस्टन पीटर्स और आसियान के सेक्रेटरी जनरल डॉ. काओ किम होर्न से भी मुलाकात की।

विदेश मंत्री जयशंकर ने इन नेताओं के साथ अलग-अलग बैठकों भी की। इसके अलावा, विदेश मंत्री जयशंकर ने क्वाड के विदेश मंत्रियों की बैठक में भी हिस्सा लिया और इसकी जानकारी देते हुए एक्स पर लिखा, "मनीला में क्वाड विदेश मंत्रियों की मीटिंग में हिस्सा लेकर खुशी हुई। हिंद-प्रशांत माहौल की समीक्षा और हाल के विकास पर चर्चा हुई। हाल ही में नई दिल्ली में हुई मीटिंग के नतीजों पर फॉलोअप किया।

आसियान सेंट्रलिटी को पहचानते हुए एक आजाद और खुले हिंद-प्रशांत के लिए प्रतिबद्ध।"

विदेश मंत्रालय ने बताया कि यह दौरा एक्ट ईस्ट पॉलिसी के तहत आसियान के साथ भारत के गहरे होते जुड़ाव को दिखाता है और आसियान-भारत व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के हमारे पक्के कमिटमेंट को सुनिश्चित करता है। यह खास तौर पर जरूरी है कि 2026 को आसियान-भारत समुद्री सहयोग का साल बनाया गया है।

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