राजस्थान विधानसभा में बिजली बिल बढ़ोतरी के विरोध में हंगामा
जयपुर, राजस्थान विधानसभा में बिजली कटौती, किल्लत और बिलों
में फ्यूल सरचार्ज को लेकर साेमवार काे कांग्रेसी विधायकों ने हंगामा किया।
सदन में बिजली के मुद्दे पर एक बार प्रश्नकाल में और दो बार शून्यकाल में
हंगामा हुआ। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सदन में फ्यूल सरचार्ज वापस
लेने को लेकर नारे भी लगाए। जूली के साथ विधायक मनीष यादव और आशीष चाचाण ने
भी सरकार को घेरा।
नेता प्रतिपक्ष जूली ने ऊर्जा मंत्री पर बिजली
किल्लत मामले में सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि
मंत्री जवाब दे रहे हैं कि प्रदेश में 22 घंटे बिजली की सप्लाई कर रहे हैं।
जबकि मई में 25 फीसदी और जून में 28 फीसदी कम बिजली है तो फिर इतनी सप्लाई
कहां से दे रहे हैं। वहीं, ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि हम
अतिरिक्त बिजली खरीदकर डिमांड पूरी कर रहे।
जूली ने कहा कि सरकार
ने लोगों पर फ्यूल सरचार्ज का बोझ फिर डाल दिया है, इसे खत्म करना चाहिए।
इसके बाद कुछ देर हंगामा हुआ। दूसरी बार कांग्रेस विधायक मनीष यादव के
मुद्दा उठाने पर हंगामा हुआ। यादव ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बात
खत्म की, इसके बाद बाकी कांग्रेस विधायकों ने भी उनका साथ दिया। विधानसभा
अध्यक्ष ने कांग्रेस विधायकों से अपनी सीटों पर जाने को कहा, लेकिन
कांग्रेस विधायक काफी देर तक वेल में आकर नारेबाजी करते रहे।
ऊर्जा
मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि यह डबल इंजन की सरकार है। केंद्रीय
उपक्रमों से 500 मेगावाट अतिरिक्त बिजली ले रहे हैं। एक्सचेंज से खरीदकर
आपूर्ति कर रहे हैं। मंत्री ने नेता प्रतिपक्ष के पूरक सवाल पर कहा कि
बिजली की 25 प्रतिशत कमी नहीं है, पिछले साल से डिमांड ज्यादा है। आपके समय
पावर प्लांट 52 फीसदी की क्षमता से चलते थे, हम 74 फीसदी क्षमता से चलाकर
बिजली की आपूर्ति करते हैं।





