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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:17 · नई दिल्ली संस्करण

18वें BRICS समिट में शामिल होने भारत पहुंचे ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियन

नई दिल्ली। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन शुक्रवार को 18वें ब्रिक्स समिट में शामिल होने के लिए नई दिल्ली पहुंचे।

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन44 बार पढ़ा गया
18वें BRICS समिट में शामिल होने भारत पहुंचे ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियन

नई दिल्ली। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन शुक्रवार को 18वें ब्रिक्स समिट में शामिल होने के लिए नई दिल्ली पहुंचे। हवाई अड्डे पर केंद्रीय राज्यमंत्री शांतनु ठाकुर ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।

विदेश मंत्रालय ने ईरान के राष्ट्रपति का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म एक्‍स पर पोस्ट किया, "भारत और ईरान के बीच सभ्यतागत संबंध हैं, जो मजबूत सांस्कृतिक और लोगों के बीच आपसी संबंधों से जुड़े हैं।

ब्रिक्स पार्टनर के तौर पर दोनों देश साझा प्रगति और समृद्धि में योगदान देने के लिए काम कर रहे हैं।"

2026 में ब्रिक्स की अध्यक्षता करते हुए, भारत 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स समिट की मेजबानी करेगा, जिसमें ब्रिक्स सदस्यों, पार्टनर देशों और आउटरीच आमंत्रित लोगों के नेता एक साथ आएंगे।

ब्रिक्स में ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं। ब्रिक्स पार्टनर देश हैं: बेलारूस, क्यूबा, ​​बोलीविया, कजाकिस्तान, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम।

इस हफ्ते की शुरुआत में पेजेश्कियन की यात्रा की पुष्टि करते हुए, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने कहा कि भारत और ईरान के बीच "लंबे समय से चले आ रहे, ऐतिहासिक और सभ्यतागत संबंध" हैं।

उन्होंने जोर देकर कहा कि तेहरान आपसी हित के क्षेत्रों पर नई दिल्ली के साथ आगे की बातचीत के लिए ब्रिक्स समिट का इस्तेमाल करेगा।

ईरान की अर्ध-आधिकारिक मेहर समाचार एजेंसी ने बकाई के हवाले से कहा, "भारत शंघाई सहयोग संगठन और ब्रिक्स दोनों का सदस्य है।

यह उन देशों में से एक है जिनके साथ हमारे विभिन्न क्षेत्रों में अच्छे संबंध हैं, खासकर व्यापार और आर्थिक सहयोग के मामले में।"

उन्होंने कहा, "ईरान और भारत के बीच बातचीत के दौरान आमतौर पर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होती है, जिसमें चाबहार बंदरगाह भी शामिल है, जो दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण है।"

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत के साथ ईरान के संबंध "लगातार विकसित हो रहे हैं"। इससे पहले दिन में, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ब्रिक्स समिट के लिए अगले कुछ दिनों में दुनिया भर के नेता नई दिल्ली में इकट्ठा होंगे।

उन्होंने भरोसा जताया कि इस उच्चस्तरीय बैठक में दुनिया की भलाई को ध्यान में रखते हुए कई मुद्दों पर सकारात्मक और सार्थक चर्चा होगी।

पीएम मोदी ने 'एक्‍स' पर एक पोस्ट में कहा, "अगले कुछ दिनों में, ब्रिक्स समिट के लिए दुनियाभर के नेता इकट्ठा होंगे।

मुझे भरोसा है कि समिट में दुनिया की भलाई को ध्यान में रखते हुए कई मुद्दों पर सकारात्मक और सार्थक चर्चा होगी।"

पिछले महीने, प्रधानमंत्री मोदी और पेजेश्कियन ने किर्गिस्तान के बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) समिट के दौरान एक बैठक की थी, जिसमें उन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई थी।

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया क्षेत्र में हाल की घटनाओं पर समीक्षा की और पीएम मोदी ने भारत का यह रुख दोहराया कि सभी मुद्दों को बातचीत और कूटनीति के जरिए सुलझाया जाना चाहिए।

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