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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:24 · नई दिल्ली संस्करण

ईरान का रुख साफ, अमेरिका उसके बंदरगाहों से हटे तभी खुलेगा होर्मुज

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
ईरान का रुख साफ, अमेरिका उसके बंदरगाहों से हटे तभी खुलेगा होर्मुज

तेहरान/वाशिंगटन/बेरूत। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर गहराया संकट निकट भविष्य में हल होता नहीं दिख रहा। दुनिया ईरान और अमेरिका से जल्द ही इस मसले को सुलझाने की अपील करते-करते हार चुकी है। दूसरे दौर की बातचीत के करीब आए दोनों देशों के बीच अविश्वास और मतभेदों का दायरा और बढ़ गया है। ईरान ने काफी हद तक अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। ईरान ने बिना लाग लपेट के कहा कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य को तभी खोलेगा, जब अमेरिका की सेना उसके बंदरगाहों की घेराबंदी खत्म कर लौट जाएगी।अल जजीराऔर सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के उप विदेशमंत्री सईद खतीबजादेह ने कहा कि अमेरिका के साथ आमने-सामने की बातचीत के नए दौर के लिए अभी कोई तारीख तय नहीं की गई है। उन्होंने हठधर्मिता के लिए वाशिंगटन की कड़ी आलोचना की। उन्होंने साफ किया कि अगर अमेरिका चाहता है कि होर्मुज जलडमरूमध्य खुले तो उसे सबसे पहले हमारे बंदरगाहों की घेराबंदी खत्मकर सेना को लौटने का आदेश देना होगा।इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि जब तक समझौता नहीं होगा, तब तक ईरानी बंदरगाहों पर नौसैनिक घेराबंदी जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि वाशिंगटन तेहरान के किसी भी तरह के दबाव में नहीं आएगा। खतीबजादेह ने तुर्किये के अंताल्या डिप्लोमेसी फोरम में पत्रकारों से कहा है कि तेहरान और वाशिंगटन के बीच अगले दौर की बातचीत के लिए कोई भी तारीख तय नहीं की गई है। उन्होंने कहा, ''अभी तक हम आपसी समझ का ढांचा तय करने पर ध्यान दे रहे हैं। इस पर सफलता मिलने पर अगले कदमों की घोषणा होगी। अगर अमेरिका अतिवादी रवैया न अपनाता तो समझौता काफी पहले हो जाता।''उन्होंने कहा, ''ईरान अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में ही अमेरिका से कोई समझौता करेगा। परमाणु अप्रसार संधि और अंतरराष्ट्रीय परमाणु एजेंसी सदस्य होने के नाते ईरान की कुछ जिम्मेदारियां हैं और कुछ अधिकार भी हैं। ईरान अपने अधिकारों का हकदार है। लेबनान में संघर्ष विराम के बाद हमने कहा कि होर्मुज से अब सुरक्षित आवाजाही होगी। मगर इसमें अमेरिका ने बाधा डाल दी। उसने कहा दिया यह मार्ग खुला तो है, लेकिन ईरानियों के लिए नहीं। यही बात हमें चुभ गई। और दुर्भाग्य से वह अभी भी बातचीत के जरिए कूटनीतिक तमाशे कोशिश कर रहा है।''ईरानी संसद के अध्यक्ष ने शनिवार रात कहा कि अमेरिका के साथ शांति वार्ता में कुछ प्रगति हुई है, लेकिन दोनों पक्ष अभी भी समझौते से कोसों दूर हैं। मोहम्मद बाघर ग़ालिबफ ने राष्ट्रीय संबोधन में कहा, "हम अभी भी अंतिम चर्चा से काफी दूर हैं।" ईरान की सेना शनिवार को घोषणा कर चुकी है उसने होर्मुज जलडमरूमध्य पर फिर से नियंत्रण हासिल कर लिया है। उसने चेतावनी दी कि जब तक ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिका की नाकेबंदी जारी रहेगी, तब तक वह इस जलमार्ग से आवाजाही को रोकता रहेगा। ब्रिटिश सेना ने इस दौरान कहा कि दो ईरानी गनबोटों ने जलडमरूमध्य में एक टैंकर पर गोलीबारी की। भारत ने भी पुष्टि की कि ईरान के हमलों में उसके दो जहाजों को निशाना बनाया गया।इस बीच इजराइली सेना ने कहा कि दक्षिणी लेबनान में लड़ाई के दौरान उसके एक सैनिक की मौत हो गई। साथ ही घायल नौ सैनिकों में से एक की हालत गंभीर है। मारे गए इजराइली सैनिक की पहचान सार्जेंट फर्स्ट क्लास लिडोर पोरात के रूप में हुई। इसके साथ ही लेबनान में चल रहे ताजा युद्ध में मारे गए इजराइली सैनिकों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है। कहा जा रहा है कि इजराइल ने संघर्ष विराम के बावजूद दक्षिणी लेबनान पर हमले किए। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने लेबनान में हुए उस हमले के लिए हिज्बुल्लाहको जिम्मेदार ठहराया है, जिसमें फ्रांस का एक शांति-रक्षक सैनिक मारा गया । इस सशस्त्र समूह ने इस आरोप से इनकार किया है।

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