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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:38 · नई दिल्ली संस्करण

अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इजरायल-लेबनान सीजफायर का किया स्वागत

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इजरायल-लेबनान सीजफायर का किया स्वागत

बेरूत। इजरायल और लेबनान के बीच बढ़ते तनाव के बीच आखिरकार राहत की खबर सामने आई है। शुक्रवार को दोनों देशों के बीच 10 दिनों का युद्धविराम लागू हो गया। इस सीजफायर की घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही कर दी थी। इस कदम का उद्देश्य पिछले एक महीने से जारी हिंसक संघर्ष को रोकना है, जिसमें 2,000 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है।

जैसे ही युद्धविराम लागू हुआ, अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इसका स्वागत किया और सभी पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के मुख्य प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि हम उन सभी कदमों का स्वागत करते हैं जो 'ब्लू लाइन' के दोनों ओर हिंसा और पीड़ा को समाप्त करने में मदद करें। उन्होंने संबंधित पक्षों से इस युद्धविराम का पूरी तरह पालन करने की अपील भी की।

गुटेरेस ने एक्स पोस्ट में लिखा, “मैं इजरायल और लेबनान के बीच संघर्ष-विराम की घोषणा का स्वागत करता हूं और इसे संभव बनाने में अमेरिका की भूमिका की सराहना करता हूं। मुझे उम्मीद है कि इससे इस संघर्ष के दीर्घकालिक समाधान की दिशा में बातचीत का रास्ता खुलेगा और इस क्षेत्र में स्थायी और व्यापक शांति की दिशा में चल रहे प्रयासों में मदद मिलेगी।

मैं सभी से आग्रह करता हूं कि वे संघर्ष-विराम का पूरी तरह सम्मान करें और हर समय अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करें।”

वहीं, अरब लीग के महासचिव अहमद अबुल-गीत ने इस समझौते को लेबनान के लोगों की पीड़ा कम करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया। उन्होंने सभी पक्षों से तुरंत इसका पालन करने और स्थायी शांति के लिए गंभीर बातचीत शुरू करने का आग्रह किया।

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघई ने भी इस युद्धविराम का स्वागत किया।

उन्होंने बताया कि यह समझौता पाकिस्तान की मध्यस्थता से हुए ईरान और अमेरिका के बीच दो हफ्ते के युद्धविराम समझौते का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य युद्ध को रोकना है।

मिस्र ने इसे क्षेत्रीय तनाव कम करने और इजरायली हमलों को रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

मिस्र के विदेश मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वे इस युद्धविराम को स्थायी बनाने, मानवीय सहायता पहुंचाने और विस्थापित लोगों की घर वापसी सुनिश्चित करने में अपनी जिम्मेदारी निभाएं।

संयुक्त अरब अमीरात और कतर ने भी इस पहल का समर्थन किया और उम्मीद जताई कि यह क्षेत्र में स्थिरता और स्थायी शांति की दिशा में एक मजबूत आधार बनेगा।

बता दें कि नवंबर 2024 से लागू पिछला युद्धविराम भी पूरी तरह सफल नहीं रहा था और लगभग रोजाना हमले जारी रहे। यह संघर्ष 2 मार्च को फिर भड़क गया, जब हिजबुल्लाह ने इजरायल पर रॉकेट दागे, जिसके जवाब में लेबनान में भारी हवाई हमले किए गए।

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