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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:36 · नई दिल्ली संस्करण

सीसीटीवी संरक्षित रखने का निर्देश, दो हफ्तों में देना होगा जवाब : आई-पैक मामले में सुप्रीम कोर्ट का ममता सरकार को नोटिस

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
सीसीटीवी संरक्षित रखने का निर्देश, दो हफ्तों में देना होगा जवाब : आई-पैक मामले में सुप्रीम कोर्ट का ममता सरकार को नोटिस

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म आई-पैक के कार्यालय और सह-संस्थापक प्रतीक जैन के आवास पर छापेमारी से जुड़े ईडी मामले में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कुमार को नोटिस जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल पुलिस को निर्देश दिया है कि वे छापेमारी से संबंधित सीसीटीवी फुटेज को संरक्षित रखें।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और डीजीपी राजीव कुमार पर छापेमारी के दौरान कार्रवाई में बाधा डालने का आरोप लगाया है। ईडी की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) एस.वी. राजू ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि इस मामले में मुख्यमंत्री स्वयं आरोपी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने डीजीपी की मौजूदगी में व्यक्तिगत रूप से चोरी की, जबकि डीजीपी की भूमिका इसमें सहयोगी की थी।

दलीलें सुनने के बाद जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और विपुल पंचोली की बेंच ने पश्चिम बंगाल पुलिस की ओर से ईडी के अधिकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर रोक लगाई।

सुप्रीम कोर्ट ने माना कि ईडी की ओर से दायर याचिकाओं में गंभीर सवाल उठाए गए हैं। कोर्ट ने कहा कि अगर ऐसे मुद्दों को अनसुलझा रहने दिया जाता है, तो इससे एक या एक से अधिक राज्यों में 'अराजकता' की स्थिति पैदा हो सकती है।

इसे देखते हुए जस्टिस मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार, कोलकाता पुलिस कमिश्नर और अन्य को नोटिस जारी किया।

बेंच ने प्रतिवादियों को अपना जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए दो हफ्ते का समय दिया और मामले की अगली सुनवाई 3 फरवरी को तय की। अपने अंतरिम आदेश में शीर्ष अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख तक तलाशी वाले परिसरों के साथ-साथ आसपास के इलाकों की रिकॉर्डिंग वाले सीसीटीवी फुटेज और अन्य स्टोरेज डिवाइस को सुरक्षित रखने का भी निर्देश दिया।

सुप्रीम कोर्ट ने सिब्बल और सिंघवी की दलीलों को भी आदेश में दर्ज किया। सिब्बल और सिंघवी ने कहा कि ये याचिकाएं सुनवाई के लायक नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि जांच के नाम पर ईडी की ओर से दखल देने का एक पैटर्न है, ठीक उसी समय जब चुनाव होने वाले होते हैं। उन्होंने कहा कि जब मामला हाईकोर्ट में पेंडिंग है, तो इस दलील पर विचार नहीं किया जाना चाहिए।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की नई अर्जी पर भी सुप्रीम कोर्ट ने ममता सरकार से जवाब मांगा है। ईडी ने नई अर्जी दाखिल कर डीजीपी राजीव कुमार समेत पश्चिम बंगाल पुलिस के शीर्ष अधिकारियों को निलंबित किए जाने की मांग की।

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