नौसेना ने मुंबई पुलिस को सौंपे समर्पण करने वाले नौ सोमालियाई समुद्री डाकू
नई
दिल्ली,। पूर्वी सोमालिया में ईरानी जहाज एफवी अल कंबर
को अपहृत करने वाले सभी नौ समुद्री लुटेरों को पश्चिमी तट पर लाकर मुंबई
पुलिस को सौंप दिया गया । अरब सागर में यह घटना 29 मार्च को हुई थी, जिसमें
भारतीय नौसेना ने समुद्री डकैती रोकने के साथ ही 23 पाकिस्तानी नागरिकों
को बचाया था। बुधवार देररात मुंबई लाए गए इन सोमालियाई लुटेरों के विरुद्ध
अब आगे की कार्रवाई समुद्री कानून के तहत की जाएगी।
भारतीय
नौसेना को 28 मार्च की देरशाम ईरानी मछली पकड़ने वाले जहाज (एफवी)
''अल-कंबर 786'' को अरब सागर में अपहृत किए जाने की सूचना मिली थी। समुद्री
डकैती का इनपुट मिलने पर नौसेना ने समुद्री सुरक्षा अभियानों के लिए अरब
सागर में तैनात अपने दो जहाजों आईएनएस त्रिशूल और आईएनएस सुमेधा को अपहृत
एफवी को रोकने के लिए डायवर्ट कर दिया। समुद्री डकैती रोधी अभियानों के
दौरान भारतीय नौसेना के जहाजों और मरीन कमांडो ने 29 मार्च को एफवी अल कंबर
में सवार नौ समुद्री लुटेरों को सरेंडर करने के लिए मजबूर कर दिया। लगभग
12 घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद चालक दल के 23 पाकिस्तानी नागरिकों को
सफलतापूर्वक बचाया गया।
इसके बाद नौसेना की विशेषज्ञ टीमों
ने एफवी की स्वच्छता और समुद्री योग्यता की जांच पूरी की। यमन के पास
सोमालियाई समुद्री डाकुओं से बचाए गए चालक दल के 23 पाकिस्तानी सदस्यों ने
भारतीय नौसेना का शुक्रिया अदा किया और ''भारत जिंदाबाद'' के नारे लगाए।
समुद्री डकैती रोधी अधिनियम-2022 के अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए
गिरफ्तार किए गए सभी नौ समुद्री लुटेरों को आईएनएस त्रिशूल से देर रात
मुंबई लाकर मुंबई पुलिस के हवाले कर दिया गया है।





