चांदनी चौक में अल्पसंख्यक कारीगरों व महिलाओं को सशक्त बनाने की पहल: सांसद प्रवीन खंडेलवाल का लोकसभा में तारांकित प्रश्न, केंद्र सरकार का विस्तृत उत्तर

चांदनी चौक में अल्पसंख्यक कारीगरों व महिलाओं को सशक्त बनाने की पहल: सांसद प्रवीन खंडेलवाल का लोकसभा में तारांकित प्रश्न, केंद्र सरकार का विस्तृत उत्तर
नई दिल्ली, 23 जुलाई 2025 — राजधानी के ऐतिहासिक व व्यावसायिक केंद्र चांदनी चौक में रह रहे कारीगरों, शिल्पकारों और अल्पसंख्यक महिलाओं को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने की दिशा में एक अहम पहल देखने को मिली है। चांदनी चौक से भाजपा सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने लोकसभा में एक महत्वपूर्ण तारांकित प्रश्न उठाते हुए केंद्र सरकार से पूछा कि शहरी व्यावसायिक क्षेत्रों में अल्पसंख्यक समुदायों को ‘सीखो और कमाओ’, पीएम-विकास और नई रोशनी जैसी योजनाओं के प्रति जागरूक करने के लिए कौन-कौन से प्रयास किए जा रहे हैं।
सांसद खंडेलवाल ने विशेष रूप से यह जानना चाहा कि क्या इन योजनाओं के प्रचार-प्रसार में स्थानीय व्यापारिक व बाजार संगठनों को संचार साझेदार के रूप में जोड़ा गया है, और क्या सरकार इस प्रकार की साझेदारी को संस्थागत स्वरूप देने पर विचार कर रही है? साथ ही उन्होंने यह भी पूछा कि क्या दिल्ली में इस बाबत कोई पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है?
सरकार ने अपने उत्तर में बताया कि अल्पसंख्यकों के लिए चलाई जा रही प्रधानमंत्री विरासत का संवर्धन (PM VIKAS) योजना एक समेकित व समग्र योजना है, जिसमें पहले की योजनाएं जैसे ‘सीखो और कमाओ’ व ‘नई रोशनी’ को एकीकृत किया गया है। यह योजना कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। साथ ही, सरकार ने ‘लोक संवर्धन पर्व’ और ‘हुनर हाट’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से शहरी अल्पसंख्यक समुदायों को सीधा मंच और बाजार से जुड़ाव देने की पहल की है। सरकार के अनुसार, दिल्ली में अब तक तीन लोक संवर्धन पर्व आयोजित किए जा चुके हैं, जिनका प्रभावी असर हुआ है।
इस विषय पर बोलते हुए खंडेलवाल ने कहा कि “चांदनी चौक केवल एक व्यापारिक क्षेत्र नहीं, बल्कि भारत की जीवंत सांस्कृतिक और कारीगरी परंपरा का प्रतीक है। यहां की शिल्पकला और उद्यमिता को यदि सही मंच और नीति-सहायता मिले, तो यह देश की अर्थव्यवस्था में बड़ी भूमिका निभा सकती है।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वे स्वयं इस दिशा में सरकार के साथ मिलकर कार्य करने को प्रतिबद्ध हैं और सुनिश्चित करेंगे कि चांदनी चौक के अल्पसंख्यक कारीगर, महिलाएं और उद्यमी इन योजनाओं से लाभान्वित हों और मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था से जुड़ें।
अंत में, खंडेलवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा दिए गए व्यापक और सकारात्मक उत्तर के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि “चांदनी चौक की जनता की आकांक्षाओं को पूरा करना और उनकी आवाज़ को नीति-निर्माण के केंद्र तक पहुंचाना मेरा संकल्प है।”
यह पहल देश के अन्य शहरी अल्पसंख्यक व्यापारिक क्षेत्रों में भी समावेशी विकास और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत संकेत है।





