मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:31 · नई दिल्ली संस्करण

इंदौर नगर निगम फर्जी बिल घोटाले मामले में ठेकेदार राहुल वढेरा के घर छापा, सर्चिंग जारी

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन

इंदौर,। इंदौर नगर निगम में फर्जी बिल घोटाले में पुलिस

प्रशासन ने बड़ा एक्शन लिया है। इस मामले में ठेकेदार राहुल वढेरा के घर

पुलिस ने रविवार सुबह छापा मारा। राहुल वढेरा जान्हवी कंस्ट्रक्शन फर्म के

संचालक है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने भी मामले में संज्ञान लिया है।

पुलिस की टीम पूरे घर की सर्चिंग कर रही है। पुलिस ने छापामार कार्रवाई में

दस्तावेज और गाड़ियां जब्त की है। मौके पर निगम अफसर भी मौजूद है।

जानकारी

के अनुसार इंदौर नगर निगम में 107 करोड़ रुपए के फर्जी बिल घोटाले में

पुलिस ने आरोपियों की धरपकड़ शुरू कर दी है। रविवार सुबह पुलिस ने अपटाउन

निपानिया में मामले के एक आरोपी राहुल वडेरा के यहां दबिश दी है। यहां

राहुल का आलीशान बंगला है। पुलिस ने तलाशी ली और उसके घर दस्तावेज व दो

गाड़ियां जब्त की। इसके बाद टीम मदीनानगर पहुंची और आरोपित मोहम्मद

सिद्दीक, मोहम्मद साजीद और मोहम्मद जाकिर के घरों की तलाश ली। नगर निगम के

अधिकारी भी साथ हैं। टीम दोनों जगह पर सर्चिंग कर रही है।

इस

घोटाले की आरोपी पांचों फर्म- नींव कंस्ट्रक्शन (मो. साजिद), ग्रीन

कंस्ट्रक्शन (मो. सिद्दीकी), किंग कंस्ट्रक्शन (मो. जाकिर), क्षितिज

इंटरप्राइजेस (रेणु वडेरा) और जाह्नवी इंटरप्राइजेस (राहुल वडेरा) के खिलाफ

नगर निगम एफआईआर दर्ज करवा चुका है। पुलिस ने आरोपियों पर 10 हजार रु. का

इनाम भी घोषित किया है। निगम कमिश्नर शिवम वर्मा ने इन सभी फर्मों को ब्लैक

लिस्टेट कर इनके सभी भुगतान पर रोक लगा दी है। गौरतलब है कि पांचों

कंपनियों ने वर्ष 2015 से 2022 तक 107 करोड़ रुपए के 188 बिल वित्त विभाग

में लगाए थे। 2022 के पहले इन फर्मों के 168 बिलों के एवज में 79 करोड़ रुपए

का भुगतान हो चुका है। बाकी बिलों से जुड़ा 28 करोड़ रुपए का भुगतान रुका

है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें