झारखंड की सत्ता में नेतृत्व परिवर्तन के संकेत ,हेमंत सोरेन फिर से संभाल सकते हैं कमान

झारखंड की सत्ता में नेतृत्व परिवर्तन के संकेत ,हेमंत सोरेन फिर से संभाल सकते हैं कमान
अचानक सीएम चंपाई सोरेन के तय कार्यक्रम स्थगित ,सत्ता पक्ष की बैठक आज
रांची: जेल से जमानत पर निकलने के तीन दिनों के भीतर पूर्व सीएम हेमंत सोरेन ने बुधवार को अपने आवास पर सत्ताधारी विधायक दल की बैठक बुलाई है। इधर राजनीतिक गलियारों में यह कयास लगाए जा रहे हैं इस बैठक में नेतृत्व परिवर्तन पर मुहर लग सकती है। दरअसल यह कयास इसलिए लगाए जा रहे हैं कि मंगलवार को सीएम चंपाई सोरेन के तय कार्यक्रमों अचानक रद्द हो गए। हेमंत सोरेन ने साफ तौर पर कहा है कि पार्टी को हर तरीके से लीड वही करेंगे। ऐसे में आने वाले दिनों में ही अगर हेमंत फिर से सत्ता की कमान संभालते हैं तो बहुत आश्चर्य की बात नही होगी। विधानसभा चुनाव से पहले हेमंत अब पूरा सिस्टम अपनी कंट्रोल में लेना चाहते हैं। पार्टी के साथ साथ सरकार पर भी अपनी पकड़ चाहते हैं। इधर कांग्रेस के प्रभारी गुलाम अहमद मीर भी रांची आ रहे हैं।
2 जुलाई को उपराजधानी दुमका के पुलिस लाइन मैदान में सीएम चंपाई सोरेन को कई योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करना था। लेकिन सारे कार्यक्रम अचानक स्थगित हो गए। हालांकि मंत्री बसंत सोरेन का कहना है कि मौसम खराब होने की वजह से सीएम चंपाई सोरेन नहीं आ सके। इसके बाद सीएम की अनुपस्थिति में मंत्री बसंत सोरेन शिलान्यास और उद्द्याटन किया । इतना ही नही रांची में आयोजित झारखंड गो सेवा आयोग की ओर से गोबर प्रसंस्करण प्रशिक्षण प्रमाण पत्र वितरण कार्यक्रम भी स्थगित कर दिए गए।
इधर कयास लगाए जा रहे हैं कि झारखंड सरकार में दो मंत्री पद अभी भी रिक्त हैं। संभव है कि बुधवार को होने वाली बैठक में कैबिनेट विस्तार को पूरा कर लिया जाए। साथ ही सत्ता में नेतृत्व परिवर्तन के कयासों पर पटाक्षेप होने की संभावना है। इसलिए यह बैठक कई मामलों में अहम मानी जा रही है। बैठक में तीनों सत्ताधारी दल झामुमो, कांग्रेस और राजद के विधायक, पार्टी पदाधिकारी के साथ भाकपा माले के विधायक भी शामिल होंगे।
कांग्रेस विधायक दल के नेता और चम्पाई सोरेन सरकार में संसदीय कार्य एवं ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम के इस्तीफे के तीन सप्ताह से अधिक समय गुजर जाने के बावजूद अभी तक उनके इस्तीफे से खाली हुई सीट को नहीं भरा जा सका है। चम्पाई सरकार के शपथ ग्रहण के दौरान झामुमो विधायक सह पूर्व मंत्री बैद्यनाथ राम को मंत्रिमंडल में शामिल होने के लिए राजभवन आने का आमंत्रण भी मिल गया था लेकिन अंतिम समय में कांग्रेस की आपत्ति के बाद ऑन होल्ड कर दिया गया था। इस संबंध में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि राज्य में तेजी से राजनीतिक घटनाक्रम बदले हैं और महागठबंधन के नेता हेमंत सोरेन की जमानत हुई है। अभी जमानत का जश्न मनाया जा रहा है। इसके समाप्त होते ही कैबिनेट विस्तार का काम पूरा कर दिया जाएग। उन्होंने कहा कि कैबिनेट विस्तार को लेकर जितनी चर्चा राजनीतिक दलों में होती है उससे ज्यादा चर्चा मीडिया में हो रही है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के केंद्रीय प्रवक्ता और केंद्रीय समिति सदस्य मनोज पांडेय ने कहा कि किसी भी बात को लेकर सहयोगी दलों में कहीं कोई जिद नहीं है। उन्होंने कहा कि 12वें मंत्री को लेकर सबकुछ तय है। उन्होंने कहा कि यदि झामुमो या कांग्रेस, राजद के बीच कोई भी बात या जिद रहेगी तो उसे उनके नेता कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन बड़ी कुशलता से दूर कर देंगे।





