भारत का समुद्री खाद्य निर्यात अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंचा
नई
दिल्ली,। देश का समुद्री खाद्य निर्यात अब तक के उच्चतम
स्तर पर पहुंच गया है। वित्त वर्ष 2023-24 में भारत का समुद्री खाद्य
निर्यात मात्रा के हिसाब से तीन फीसदी बढ़ गया है, जबकि मूल्य के हिसाब से
यह लगभग आठ फीसदी गिरा है।
वाणिज्य एवं उद्योग विभाग ने
बुधवार को जारी बयान में कहा कि भारत का समुद्री खाद्य पदार्थ का निर्यात
वित्त वर्ष 2023-24 में मात्रा के लिहाज से तीन फीसदी बढ़ा है। लेकिन,
मूल्य के हिसाब से यह लगभग आठ फीसदी गिरा है। आंकड़ों के मुताबिक मात्रा के
लिहाज से निर्यात वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान बढ़कर 17,81,602 टन पर
पहुंच गया है। इसकी कीमत 7.38 अरब डॉलर है। वहीं, वित्त वर्ष 2022-23 में
यह 17,35,286 टन रहा था और इसकी कीमत आठ अरब डॉलर थी।
मंत्रालय
ने कहा कि 4.88 अरब डॉलर के निर्यात के साथ ‘फ्रोजन’ झींगा समुद्री खाद्य
निर्यात में सबसे ऊपर बना हुआ है। इसकी मात्रा में 40.19 फीसदी और डॉलर के
संदर्भ में 66.12 फीसदी की हिस्सेदारी थी। मंत्रालय के मुताबिक ब्लैक टाइगर
झींगा के निर्यात में भी अच्छी वृद्धि दर्ज की गई है। आंकड़ों के मुताबिक
दूसरी सबसे बड़ी निर्यात की गई वस्तु ‘फ्रोजन’ मछली रही, जिसका 6.71 अरब
डॉलर का निर्यात हुआ है। इसकी मात्रा में 21.42 फीसदी और डॉलर की कमाई में
9.09 फीसदी की हिस्सेदारी है। हालांकि, डॉलर के संदर्भ में ये निर्यात
वित्त वर्ष 2023-24 में 2.31 फीसदी घट गया है।
समुद्री
उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एमपीईडीए) के चेयरमैन डी. वी. स्वामी ने
कहा कि भारत 17,81,602 टन समुद्री खाद्य पदार्थ का निर्यात करके मात्रा के
मामले में अब तक का सबसे ऊंचा आंकड़ा दर्ज किया है। उन्होंने कहा कि प्रमुख
निर्यात वस्तुओं में फ्रोजन झींगा और फ्रोजन मछली शामिल हैं। इसके अमेरिका
और चीन शीर्ष निर्यात गंतव्य बने हुए हैं। लेकिन यूरोपीय संघ और ब्रिटेन
जैसे इसके प्रमुख निर्यात बाजारों में कई चुनौतियां हैं।




