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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:42 · नई दिल्ली संस्करण

भारत का खाद्यान्न उत्पादन बीते 10 वर्षों में 100 मिलियन टन से अधिक बढ़ा

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
भारत का खाद्यान्न उत्पादन बीते 10 वर्षों में 100 मिलियन टन से अधिक बढ़ा

नई दिल्ली। भारत का खाद्यान्न उत्पादन बीते 10 वर्षों में 106 मिलियन टन बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में 357.73 मिलियन टन हो गया है, जो कि वित्त वर्ष 2015-16 में 251.54 मिलियन टन था। यह जानकारी सरकार की ओर से दी गई।

कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि चावल उत्पादन बढ़कर 1,501.84 लाख टन हो गया है, जो कि पिछले साल के उत्पादन 1,378.25 लाख टन से 123.59 लाख टन अधिक है।

गेहूं का उत्पादन भी बढ़कर 1,179.45 लाख टन हो गया है, जो कि पिछले साल के उत्पादन 1,132.92 लाख टन से 46.53 लाख टन अधिक है।

मूंग का उत्पादन बढ़कर 42.44 लाख टन, सोयाबीन का 152.68 लाख टन और मूंगफली का 119.42 लाख टन हो गया है।

सरकार ने आगे बताया कि मक्का और श्री अन्न (बाजरा) का उत्पादन क्रमशः 434.09 लाख टन और 185.92 लाख टन होने का अनुमान है, जबकि पिछले वर्ष यह क्रमशः 376.65 लाख टन और 175.72 लाख टन था।

उन्होंने आगे कहा, "यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कृषि क्षेत्र में तेजी से हो रही वृद्धि को दर्शाता है।

2024-25 के दौरान कुल तिलहन का उत्पादन रिकॉर्ड 429.89 लाख टन होने का अनुमान है, जो 2023-24 में हुए 396.69 लाख टन उत्पादन से 33.20 लाख टन अधिक है।

यह बढ़ोतरी रिकॉर्ड मूंगफली और सोयाबीन के उत्पादन की वजह से हुई है, जिनका अनुमान क्रमशः 119.42 लाख टन और 152.68 लाख टन है। यह पिछले साल के 101.80 लाख टन और 130.62 लाख टन के मुकाबले 17.62 लाख टन और 22.06 लाख टन अधिक है। रेपसीड और सरसों का उत्पादन 126.67 लाख टन होने का अनुमान है।

कृषि मंत्री ने भविष्य की रणनीतियों के बारे में सीनियर अधिकारियों के साथ भी चर्चा की। उन्होंने भरोसा जताया कि पीएम मोदी के नेतृत्व में शुरू किया गया ‘दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन’ दाल उत्पादन बढ़ाने को मजबूत गति देगा।

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