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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:28 · नई दिल्ली संस्करण

भारत का पहला 'रिमूवेबल सोलर पैनल सिस्टम' रेलवे ट्रैक्स के बीच हुआ स्थापित

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन

नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए भारत का पहला 70 मीटर लंबा रिमूवेबल सोलर पैनल सिस्टम स्थापित किया है। यह जानकारी केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक लेटेस्ट पोस्ट के जरिए साझा की।

राज्य मंत्री बिट्टू ने एक्स हैंडल पर लिखा, "बनारस लोकोमोटिव वर्क्स, वाराणसी ने रेलवे ट्रैक्स के बीच भारत के पहले 70 मीटर लंबे सोलर पैनल सिस्टम को स्थापित किया है। यह ग्रीन और सस्टेनेबल रेल ट्रांसपोर्ट की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है।"

उन्होंने बताया कि इस सोलर पैनल सिस्टम में कुल 28 पैनल लगाए गए हैं, जिनकी क्षमता 15 किलोवाट पीक है।

इससे पहले यह जानकारी रेल मंत्रालय की ओर से एक्स पर एक पोस्ट के जरिए दी गई थी।

इस बीच, भारत ने सौर पीवी मॉड्यूल के लिए स्वीकृत मॉडल और निर्माताओं की सूची (एएलएमएम) के तहत 100 गीगावट सोलर पीवी मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता हासिल कर एक ऐतिहासिक उपलब्धि प्राप्त कर ली है। यह उपलब्धि 'आत्मनिर्भर भारत' की राष्ट्रीय परिकल्पना और क्लीन एनर्जी उपयोग की दिशा में परिवर्तन की वैश्विक अनिवार्यता के तहत एक मजबूत और आत्मनिर्भर सोलर मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम के निर्माण में देश की तीव्र प्रगति को दर्शाती है।

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "एएलएमएम के तहत 100 गीगावट सोलर पीवी मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता प्राप्त करने के साथ भारत ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। यह मैन्युफैक्चरिंग क्षमता 11 वर्ष पहले 2014 में केवल 2.3 गीगावाट दर्ज की गई थी, जो कि एक महत्वपूर्ण वृद्धि को दर्शाता है।"

केंद्रीय मंत्री जोशी ने इस उपलब्धि का श्रेय प्रधानमंत्री मोदी को देते हुए कहा था कि पीएम मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और उच्च दक्षता वाले सोलर मॉड्यूल के लिए पीएलआई योजना जैसी परिवर्तनकारी पहलों से प्रेरित होकर हम एक मजबूत, आत्मनिर्भर सोलर मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम का निर्माण कर रहे हैं।

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