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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:50 · नई दिल्ली संस्करण

भारत की अर्थव्यवस्था 2026 में 6.4 प्रतिशत की दर से बढ़ने की उम्मीद, 2027 में 6.6 प्रतिशत रह सकती है विकास दर

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
भारत की अर्थव्यवस्था 2026 में 6.4 प्रतिशत की दर से बढ़ने की उम्मीद, 2027 में 6.6 प्रतिशत रह सकती है विकास दर

नई दिल्ली,। भारत की अर्थव्यवस्था 2026 में 6.4 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है और 2027 में यह दर 6.6 प्रतिशत रह सकती है। यह जानकारी संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में दी गई।

एशिया और प्रशांत क्षेत्र के लिए संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक आयोग (ईएससीएपी) ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम एशिया की अर्थव्यवस्थाओं में 2025 में 5.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो 2024 में यह दर 5.2 प्रतिशत थी, और यह वृद्धि मुख्य रूप से भारतीय अर्थव्यवस्था के 7.4 प्रतिशत की मजबूत विकास दर से बढ़ने के कारण थी।

रिपोर्ट में कहा गया कि मजबूत ग्रामीण खपत, जीएसटी में कटौती, अमेरिकी टैरिफ से पहले एक्सपोर्ट फ्रंट लोडिंग ने भारतीय अर्थव्यवस्था की गति को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

रिपोर्ट के आगे कहा गया कि अगस्त 2025 में अमेरिका द्वारा 50 प्रतिशत टैरिफ लागू किए जाने के बाद यूएस को निर्यात में 25 प्रतिशत की गिरावट के चलते, वर्ष 2025 की दूसरी छमाही में आर्थिक गतिविधियों में नरमी आई।

संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, भारत में मुद्रास्फीति 2026 में 4.4 प्रतिशत और 2027 में 4.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि व्यापारिक तनाव और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के कारण विकासशील एशियाई और प्रशांत अर्थव्यवस्थाओं में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) में गिरावट आई है, जबकि 2024 में इसमें 0.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। वैश्विक प्रवाह में 14 प्रतिशत की वृद्धि के बावजूद, इस क्षेत्र में एफडीआई 2025 में 2 प्रतिशत तक गिर गया है।

संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, "एशिया-प्रशांत क्षेत्र में, पहली तीन तिमाहियों में सबसे अधिक ग्रीनफील्ड एफडीआई आकर्षित करने वाले देश भारत, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण कोरिया और कजाकिस्तान थे, जिन्होंने क्रमशः 50 अरब डॉलर, 30 अरब डॉलर, 25 अरब डॉलर और 21 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की।"

रिपोर्ट में भारत की उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन योजना की सराहना की गई है, जो सौर फोटोवोल्टिक, बैटरी और हरित हाइड्रोजन के घरेलू उत्पादन को प्रोत्साहन देकर हरित औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने वाली व्यापक आर्थिक नीति का प्रमाण है।

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