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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:15 · नई दिल्ली संस्करण

फिलिस्तीन मुद्दे पर भारत का स्पष्ट रुख, यूएनएससी में दो-राष्ट्र समाधान का समर्थन

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
फिलिस्तीन मुद्दे पर भारत का स्पष्ट रुख, यूएनएससी में दो-राष्ट्र समाधान का समर्थन

संयुक्त राष्ट्र। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने फिलिस्तीनी लोगों को भरोसा दिलाया है कि भारत उनके समर्थन में खड़ा रहेगा और दो-राष्ट्र (टू-स्टेट) समाधान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखेगा, ताकि एक संप्रभु, स्वतंत्र और व्यवहार्य फिलिस्तीनी राष्ट्र की स्थापना हो सके।

मंगलवार को मध्य पूर्व पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की खुली बहस के दौरान पी. हरीश ने अरबी भाषा में कहा, "होर्मुज स्ट्रेट पर दुनिया का ध्यान और हमारा ध्यान गाजा पट्टी में गंभीर मानवीय संकट से नहीं भटकाना चाहिए।" उन्होंने कहा, "आम लोगों की जान जाना और आम लोगों के इंफ्रास्ट्रक्चर का नष्ट होना ऐसी बड़ी चिंताएं हैं, जिन पर इंटरनेशनल कम्युनिटी को तुरंत, बहुत जल्दी और गंभीरता से काम करना चाहिए।"

बताया जा रहा है कि सुरक्षा परिषद में किसी भारतीय राजनयिक द्वारा अरबी में संबोधन का यह पहला अवसर है। हरीश ने काहिरा स्थित अमेरिकन यूनिवर्सिटी से अरबी भाषा का अध्ययन किया है।

जैसे ही उन्होंने अंग्रेजी के बजाय अरबी में बोलना शुरू किया, संयुक्त राष्ट्र के दुभाषियों ने उनके वक्तव्य का अंग्रेजी, फ्रेंच, स्पेनिश, रूसी और चीनी सहित अन्य आधिकारिक भाषाओं में अनुवाद किया।

हरीश पहले गाजा में भारत के प्रतिनिधि कार्यालय में तैनात रह चुके हैं। उन्होंने अरबी में आगे कहा, "भारत उन प्रयासों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है, जो फिलिस्तीनी लोगों के दैनिक जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डालते हैं।

हरीश ने कहा कि भारत ने फिलिस्तीन को डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स, मानवीय मदद, फिलिस्तीनी इंस्टिट्यूट ऑफ डिप्लोमेसी के कंस्ट्रक्शन और यूएनआरडब्ल्यूए में योगदान को कवर करते हुए लगभग 175 मिलियन डॉलर की मदद दी है।

उन्होंने आगे कहा, "इस महीने ब्रसेल्स में फिलिस्तीन डोनर ग्रुप की मीटिंग में, भारत ने फिलिस्तीन के लिए एक स्पेशलिटी हॉस्पिटल, एक आर्टिफिशियल लिंब फिटमेंट सेंटर और एक वोकेशनल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट बनाने का वादा किया।"

हरीश ने कहा, "जब हम फिलिस्तीनी लोगों की मानवीय परेशानी को कम करने पर काम कर रहे हैं, तो हमें एक सस्टेनेबल और टिकाऊ राजनीतिक समाधान के लिए भी आगे बढ़ना चाहिए।"

हरीश ने कहा, "भारत का मानना है कि सुरक्षित और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सीमाओं के भीतर इजराइल के साथ शांतिपूर्वक सह-अस्तित्व रखने वाला एक संप्रभु, स्वतंत्र और व्यवहार्य फिलिस्तीनी राष्ट्र ही इस लंबे समय से चले आ रहे संघर्ष का स्थायी समाधान है।"

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