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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 7:56 · नई दिल्ली संस्करण

भारतीय सेना ने म्यांमार में की बड़ी ड्रोन स्ट्राइक: उल्फा-आई और NSCN-K के शीर्ष आतंकी ढेर

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
भारतीय सेना ने म्यांमार में की बड़ी ड्रोन स्ट्राइक: उल्फा-आई और NSCN-K के शीर्ष आतंकी ढेर

भारतीय सेना ने म्यांमार में की बड़ी ड्रोन स्ट्राइक: उल्फा-आई और NSCN-K के शीर्ष आतंकी ढेर विशेष सूचना:

यह रिपोर्ट सार्वजनिक स्रोतों और विश्वसनीय मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। भारत सरकार की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है कि यह हमला किसकी ओर से किया गया था। स्थिति पर नजर बनाए रखने के लिए कृपया आधिकारिक बयानों का इंतजार करें।

नई दिल्ली, 13 जुलाई 2025 – भारत की सुरक्षा एजेंसियों और खुफिया तंत्र की सक्रियता के चलते पूर्वोत्तर भारत में सक्रिय अलगाववादी और आतंकवादी संगठनों के खिलाफ एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की गई है। म्यांमार के सगाइंग क्षेत्र में भारतीय सेना द्वारा रविवार तड़के किए गए एक सटीक ड्रोन हमले में प्रतिबंधित संगठन उल्फा-आई (ULFA-I) और ईसाई आतंकी गुट NSCN-K के कई शीर्ष कमांडर मारे गए।

सूत्रों के अनुसार, यह हमला रविवार की रात करीब 2 से 4 बजे के बीच हुआ, जिसमें 100 से अधिक फ्रेंच और इजरायली ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। स्थानीय म्यांमार मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हमले में उल्फा-आई के उपप्रमुख नयन असोम, ब्रिगेडियर गणेश असोम और कर्नल प्रदीप असोम मारे गए। ये सभी भारतीय सुरक्षा बलों के वांछित सूची में शामिल थे और लंबे समय से म्यांमार की सीमा के भीतर छिपे हुए थे।

यह पहला मौका नहीं है जब भारत ने सीमा पार आतंकवादी शिविरों पर हमला किया हो। इससे पहले 2015 में भी भारत ने म्यांमार में सर्जिकल स्ट्राइक कर उग्रवादियों के ठिकानों को ध्वस्त किया था। इस बार ड्रोन तकनीक के इस्तेमाल ने न सिर्फ खतरे को कम किया, बल्कि सटीकता और गुप्तता को भी बनाए रखा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कार्रवाई भारत की ‘ज़ीरो टॉलरेंस फॉर टेररिज़्म’ नीति का स्पष्ट संकेत है। पूर्वोत्तर में शांति और स्थायित्व बनाए रखने के लिए यह कदम अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। साथ ही यह उन विदेशी ताकतों के लिए भी चेतावनी है जो भारत विरोधी गतिविधियों को समर्थन दे रही हैं, विशेष रूप से चीन, जिस पर उल्फा-आई जैसे गुटों को अप्रत्यक्ष सहायता देने का आरोप है।

यह घटनाक्रम आने वाले दिनों में भारत-म्यांमार संबंधों और पूर्वोत्तर सुरक्षा रणनीति के लिए निर्णायक साबित हो सकता है। इस बीच, देश भर में सोशल मीडिया पर इस ‘गुप्त मिशन’ की सराहना हो रही है, और जनता भारतीय सेना की बहादुरी को सलाम कर रही है।

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