मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:39 · नई दिल्ली संस्करण

"बाबा साहब का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान": जंतर-मंतर पर हम (सेक्युलर) का तेजस्वी विरोध, लालू यादव से सार्वजनिक माफ़ी की मांग

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
"बाबा साहब का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान": जंतर-मंतर पर हम (सेक्युलर) का तेजस्वी विरोध, लालू यादव से सार्वजनिक माफ़ी की मांग

बाबा साहब का अपमान नहीं सहेंगे: जंतर-मंतर पर हम (सेक्युलर) का लालू यादव के खिलाफ विरोध प्रदर्शन

नई दिल्ली, 30 जून 2025 — भारतीय राजनीति में आज एक ऐसा दृश्य सामने आया, जिसने लाखों संविधानप्रेमी नागरिकों की

आत्मा को झकझोर दिया। दिल्ली के जंतर-मंतर पर हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) द्वारा राजद प्रमुख लालू

प्रसाद यादव के खिलाफ जबरदस्त

विरोध प्रदर्शन किया गया। कारण – बाबा साहब भीमराव

अंबेडकर के चित्र के साथ लालू यादव का अपमानजनक व्यवहार, जिसे देश के दलितों, पिछड़ों और संविधान में विश्वास रखने वाले करोड़ों लोगों ने

सीधा संविधान और

सामाजिक न्याय पर हमला माना।

प्रदर्शनकारियों

ने आरोप लगाया कि पटना में अपने जन्मदिन के अवसर पर लालू यादव ने एक कार्यकर्ता

द्वारा भेंट की गई बाबा साहब की तस्वीर को न केवल नज़रअंदाज़ किया, बल्कि अपमानजनक मुद्रा में बैठकर उस महापुरुष

के प्रति घोर अनादर दिखाया। यह घटना न

केवल शर्मनाक थी, बल्कि यह इस बात

का भी प्रमाण थी कि लालू यादव और उनकी पार्टी राजद की कथित 'दलित-पिछड़ा राजनीति' महज़ दिखावा है, जो सत्ता के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला

एक नकाब भर है।

प्रदर्शन का

नेतृत्व कर रहे हम (सेक्युलर) के युवा नेता और प्रदेश सचिव रितेश कुमार ने स्पष्ट शब्दों में

कहा:

“यह विरोध केवल एक

तस्वीर की उपेक्षा का नहीं, बल्कि उस मानसिकता का विरोध है जो बाबा साहब का नाम तो

चुनाव में लेती है, लेकिन जब सम्मान

देने की बात आती है, तो उनकी तस्वीर के

सामने पांव पसारकर बैठ जाती है। लालू यादव ने यह दिखा दिया है कि उन्हें संविधान

निर्माता से नहीं, बल्कि सिर्फ़

वोटबैंक से प्रेम है।”

कार्यकर्ताओं और

सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों ने “बाबा साहब का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान”, “लालू माफी माँगो”, और “संविधान से खिलवाड़ नहीं चलेगा” जैसे नारों से जंतर-मंतर को गुंजायमान कर

दिया। वक्ताओं ने कहा कि अगर लालू यादव और राजद को अब भी दलितों का समर्थन चाहिए, तो उन्हें तुरंत सार्वजनिक मंच से माफी मांगनी चाहिए, वरना यह आंदोलन देशव्यापी उग्र विरोध में बदल जाएगा।

विरोध प्रदर्शन के

दौरान कई वक्ताओं ने ‘इंडिया गठबंधन’ पर भी सवाल उठाए और कहा कि यह गठबंधन अब उन

तत्वों का मंच बन गया है जो धर्म, संविधान और राष्ट्र की मूल भावना से खिलवाड़ कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी

दी कि यदि इस गठबंधन ने भी लालू यादव की हरकत की निंदा नहीं की, तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि पूरे गठबंधन की

राजनीति केवल जाति और

तुष्टिकरण के आधार पर चल रही

है, न कि सामाजिक

न्याय और संवैधानिक मूल्यों के लिए।

हम पार्टी ने यह

भी घोषणा की कि यदि जल्द ही लालू यादव ने सार्वजनिक रूप से क्षमा नहीं मांगी, तो बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र सहित कई

राज्यों में चरणबद्ध आंदोलन चलाया जाएगा।

इस पूरे घटनाक्रम

ने न केवल लालू यादव की राजनीति पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है, बल्कि INDI गठबंधन की नैतिकता, उसका दलित प्रेम और संविधान के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को

भी कठघरे में खड़ा कर दिया है। अब देश को जवाब चाहिए — क्या राजनीतिक सुविधा के लिए बाबा साहब का अपमान भी सह लिया

जाएगा?

हिंदुस्तानी आवाम

मोर्चा (से ) के कार्यकर्ताओं का कहना था कि यह सशक्त विरोध इस बात का संकेत है कि भारत का संविधान अब नेताओं की

निजी राजनीति का मोहरा नहीं बनेगा, और बाबा साहब के सम्मान पर समझौता करने वालों को जनता

बख्शेगी नहीं।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें