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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:36 · नई दिल्ली संस्करण

भारत-यूके FTA से 'विकसित भारत' को मिलेगी नई रफ्तार: नैसकॉम-फिक्की

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
भारत-यूके FTA से 'विकसित भारत' को मिलेगी नई रफ्तार: नैसकॉम-फिक्की

नई दिल्ली, । सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग की सर्वोच्च संस्था नैसकॉम ने भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लागू होने का स्वागत करते हुए कहा है कि इससे डिजिटल व्यापार, निवेश, नवाचार और प्रतिभा (टैलेंट) के आदान-प्रदान के क्षेत्र में नए अवसर खुलेंगे।

नैसकॉम ने डबल कंट्रीब्यूशन कन्वेंशन (डीसीसी) के लागू होने का भी स्वागत किया। इस व्यवस्था के तहत ब्रिटेन में अल्पकालिक नियुक्ति पर जाने वाले भारतीय पेशेवरों को अब पांच वर्ष तक यूके में सामाजिक सुरक्षा (सोशल सिक्योरिटी) अंशदान देने की आवश्यकता नहीं होगी।

वे इस अवधि के दौरान भारत में ही अपना सामाजिक सुरक्षा योगदान जारी रख सकेंगे।

संस्था ने बताया कि इस सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए नवंबर 2025 में नैसकॉम यूके फोरम की शुरुआत की गई थी, जिसमें ब्रिटेन में महत्वपूर्ण निवेश करने वाली प्रमुख भारतीय प्रौद्योगिकी कंपनियों को एक मंच पर लाया गया।

नैसकॉम के अनुसार, डीसीसी को भारत सरकार के सहयोग से अंतिम रूप दिया गया है और इससे ब्रिटेन में अल्पकालिक कार्य के लिए जाने वाले भारतीय पेशेवरों को सीधा लाभ मिलेगा।

नैसकॉम यूके फोरम भारत और ब्रिटेन के बीच डिजिटल व्यापार को मजबूत करने, इंडिया-यूके टेक्नोलॉजी सिक्योरिटी इनिशिएटिव और विजन 2035 रोडमैप को आगे बढ़ाने के साथ-साथ दोनों देशों की सरकारों, नीति-निर्माताओं और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए एक रणनीतिक मंच के रूप में कार्य करेगा।

नैसकॉम के अध्यक्ष राजेश नांबियार ने कहा कि प्रौद्योगिकी आर्थिक विकास की प्रमुख ताकत बनती जा रही है। ऐसे में नैसकॉम दोनों देशों की सरकारों और उद्योग जगत के साथ मिलकर इस मुक्त व्यापार समझौते को व्यापार, निवेश, नवाचार और प्रतिभा सहयोग के ठोस परिणामों में बदलने के लिए प्रतिबद्ध है।

वहीं, नैसकॉम यूके फोरम के चेयरमैन मनीष मल्होत्रा ने कहा कि भारत और ब्रिटेन के बीच प्रौद्योगिकी साझेदारी अब विकास के नए चरण में प्रवेश कर रही है। यह फोरम उद्योग और सरकार को मिलकर इस रणनीतिक साझेदारी का भविष्य तय करने के लिए दीर्घकालिक मंच उपलब्ध कराएगा।

उन्होंने बताया कि केवल प्रमुख भारतीय प्रौद्योगिकी कंपनियों का एक समूह ही ब्रिटेन में 35,000 से अधिक नौकरियों का समर्थन करता है। इनमें से लगभग 62 प्रतिशत कर्मचारी लंदन के बाहर कार्यरत हैं, जिससे क्षेत्रीय विकास, स्थानीय प्रतिभा के विकास और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) क्षमता निर्माण को भी मजबूती मिल रही है।

इस बीच, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को कहा कि भारत-यूके व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (सीईटीए) तथा सामाजिक सुरक्षा समझौता लागू हो चुके हैं। इसके तहत भारत के लगभग 99 प्रतिशत निर्यात को शून्य शुल्क (जीरो ड्यूटी) के साथ बाजार तक पहुंच मिलेगी, जो दोनों देशों के लगभग 100 प्रतिशत व्यापार मूल्य को कवर करता है।

उधर, फिक्की (एफआईसीसीआई) के अध्यक्ष अनंत गोयनका ने कहा कि यह ऐतिहासिक समझौता 'विकसित भारत' के विजन को मजबूती देता है और देश की सतत आर्थिक वृद्धि, वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता तथा अंतरराष्ट्रीय बाजारों के साथ गहरे आर्थिक जुड़ाव की आकांक्षाओं को नई दिशा देगा।

उन्होंने कहा कि भारत जब विकसित अर्थव्यवस्था बनने की ओर तेजी से बढ़ रहा है, तब इस तरह की उच्च गुणवत्ता वाली आर्थिक साझेदारियां व्यापार के नए अवसर पैदा करने, औद्योगिक क्षमता बढ़ाने और वैश्विक व्यापार एवं निवेश नेटवर्क में भारत की भागीदारी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

फिक्की के अनुसार, यह समझौता आर्थिक सहयोग के दूरदर्शी दृष्टिकोण को दर्शाता है और भारत की समृद्धि, नवाचार तथा आर्थिक परिवर्तन की यात्रा को नई गति प्रदान करेगा।

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