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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:17 · नई दिल्ली संस्करण

भारत-सिंगापुर संबंध साझा मूल्यों और परस्पर हितों पर आधारित: पीएम मोदी

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
भारत-सिंगापुर संबंध साझा मूल्यों और परस्पर हितों पर आधारित: पीएम मोदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि भारत और सिंगापुर के बीच संबंध सिर्फ कूटनीतिक दायरे तक सीमित नहीं हैं, बल्कि साझा मूल्यों और शांति व समृद्धि की समान दृष्टि पर आधारित हैं।

सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता में पीएम मोदी ने कहा, “मैं प्रधानमंत्री वोंग का भारत में उनके पहले दौरे पर हार्दिक स्वागत करता हूं। यह दौरा और भी विशेष है क्योंकि इस वर्ष हम अपने रिश्तों की 60वीं वर्षगांठ मना रहे हैं।”

उन्होंने सिंगापुर को भारत की "एक्ट ईस्ट पॉलिसी का महत्वपूर्ण स्तंभ" बताया और कहा कि दोनों देश आसियान के साथ मिलकर हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए संयुक्त दृष्टि को आगे बढ़ाएंगे।

मोदी ने याद किया कि 2024 में उनके सिंगापुर दौरे के दौरान दोनों देशों ने संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक उठाया था। उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में भारत-सिंगापुर के बीच संवाद और सहयोग की गति व ताकत दोनों बढ़ी है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सिंगापुर दक्षिण-पूर्व एशिया में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और भारत में वहां से बड़े पैमाने पर निवेश आया है। उन्होंने रक्षा सहयोग को भी लगातार मजबूत होते हुए बताया और दोनों देशों के बीच “गहरे और जीवंत” जन-से-जन संबंधों पर जोर दिया।

पीएम मोदी ने कहा, “आज हमने साझेदारी के भविष्य के लिए विस्तृत रोडमैप तैयार किया है। हमारा सहयोग केवल पारंपरिक क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहेगा। बदलते समय के अनुसार उन्नत विनिर्माण, ग्रीन शिपिंग, स्किलिंग, सिविल न्यूक्लियर और शहरी जल प्रबंधन जैसे क्षेत्र भी केंद्र में रहेंगे।”

उन्होंने तकनीक और नवाचार को भारत-सिंगापुर साझेदारी के "मजबूत स्तंभ" बताया और कहा कि दोनों देश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम और अन्य डिजिटल तकनीकों में सहयोग बढ़ाएंगे।

पीएम मोदी ने बताया कि यूपीआई और पे-नाउ डिजिटल कनेक्टिविटी के सफल उदाहरण हैं और अब 13 नए भारतीय बैंक इसमें शामिल हो गए हैं।

उन्होंने घोषणा की कि भारत और सिंगापुर द्विपक्षीय व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते और आसियान के साथ मुक्त व्यापार समझौते की समयबद्ध समीक्षा करेंगे।

दोनों प्रधानमंत्रियों ने संयुक्त रूप से जेएन पोर्ट–पीएसए मुंबई टर्मिनल के दूसरे चरण का उद्घाटन भी किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सिंगापुर चेन्नई में राष्ट्रीय कौशल उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना में मदद करेगा, जो उन्नत विनिर्माण क्षेत्र के लिए कुशल जनशक्ति तैयार करेगा।

उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि गुजरात का गिफ्ट सिटी भारत और सिंगापुर के शेयर बाजारों को जोड़ने वाला नया सेतु बन चुका है। साथ ही, पिछले वर्ष हुए सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम पार्टनरशिप एग्रीमेंट ने शोध और विकास को नई दिशा दी है।

पीएम मोदी ने कहा, “हमारे संबंध केवल कूटनीति से आगे जाते हैं। यह एक उद्देश्यपूर्ण साझेदारी है, जो साझा मूल्यों में निहित है, परस्पर हितों से प्रेरित है और शांति, प्रगति तथा समृद्धि की साझा दृष्टि से संचालित है।”

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