भारत-इंडोनेशिया रक्षा उद्योग और समुद्री सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर सहमत
दोनों देशों की 7वीं संयुक्त रक्षा सहयोग समिति की बैठक दिल्ली में हुई
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान से भी मुलाकात की
नई
दिल्ली । भारत के रक्षा सचिव गिरिधर अरमाने और इंडोनेशिया
के रक्षा मंत्रालय के महासचिव एयर मार्शल डोनी एर्मवान तौफांटो ने शुक्रवार
को नई दिल्ली में 7वीं भारत-इंडोनेशिया संयुक्त रक्षा सहयोग समिति
(जेडीसीसी) की बैठक की। इस दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग के बढ़
रहे दायरे पर संतोष व्यक्त किया गया। बैठक में विभिन्न द्विपक्षीय रक्षा
सहयोग पहलों पर हुई प्रगति की समीक्षा की गई।
इसके अलावा बैठक में
विशेष रूप से रक्षा उद्योग संबंधों, समुद्री सुरक्षा और बहुपक्षीय सहयोग के
क्षेत्रों में सहयोग के मौजूदा क्षेत्रों को बेहतर करने के उपायों की
पहचान की गई। यात्रा के दौरान तौफांटो ने नई दिल्ली में डीआरडीओ मुख्यालय
के साथ-साथ पुणे में टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स और एलएंडटी रक्षा प्रतिष्ठानों
का दौरा किया। उन्होंने भारत फोर्ज, महिंद्रा डिफेंस और मझगांव डॉक
शिपबिल्डर्स लिमिटेड जैसे अन्य भारतीय रक्षा उद्योग साझेदारों के साथ भी
विचार-विमर्श किया। अनुसंधान एवं संयुक्त उत्पादन में सहयोग के जरिए रक्षा
औद्योगिक क्षमताओं को बेहतर बनाने के तरीकों पर चर्चा की। यात्रा के दौरान
उन्होंने चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान से भी मुलाकात की।
भारत
और इंडोनेशिया के बीच 2001 में हस्ताक्षरित रक्षा सहयोग समझौते में सहयोग
के संभावित क्षेत्रों और साझा हित के मामलों का पता लगाने एवं उन्हें
चिह्नित करने, स्वीकृत सहकारी गतिविधियों को शुरू करने, समन्वय करने,
निगरानी करने और उन्हें नियंत्रित करने के लिए जेडीसीसी की स्थापना की गई
थी। भारत-इंडोनेशिया मित्रता को 2018 में व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर
तक बढ़ाया गया था। इस मित्रता ने रक्षा उद्योग, विज्ञान और प्रौद्योगिकी
आदि के क्षेत्र में नए सहयोग की अनुमति देने के लिए द्विपक्षीय संबंधों का
दायरा बढ़ाया है। दोनों देशों के बीच रक्षा संबंध इस बढ़ती साझेदारी के लिए
एक महत्वपूर्ण स्तंभ हैं।





