मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:32 · नई दिल्ली संस्करण

ताइवान के चारों ओर चीनी सैन्य गतिविधियों में तेजी, तनाव गहराने की आशंका

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन

ताइवान के चारों ओर चीनी सैन्य गतिविधियों में तेजी, तनाव गहराने की आशंका

ताइपे, 24 जुलाई 2025 : ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने चीन द्वारा उसके आसपास सैन्य गतिविधियों में अचानक वृद्धि की पुष्टि की है। बुधवार को जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, बीते 24 घंटों में ताइवान की वायु रक्षा पहचान क्षेत्र (ADIZ) के पास चीन के 30 से अधिक सैन्य विमान और 9 युद्धपोत देखे गए। इनमें से कई विमान median line — जो ताइवान जलडमरूमध्य में एक अनौपचारिक सीमा है को पार कर गए।

ताइवान ने इस पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए अपनी निगरानी प्रणाली और तटवर्ती रक्षा को हाई अलर्ट पर रख दिया है। मंत्रालय ने बताया कि ये सैन्य गतिविधियां न केवल क्षेत्रीय स्थिरता को खतरे में डालती हैं, बल्कि यह चीन की 'आक्रामक सैन्य रणनीति' का संकेत भी देती हैं।

गौरतलब है कि चीन ताइवान को अपना अलग हुआ प्रांत मानता है, जबकि ताइवान खुद को एक संप्रभु लोकतांत्रिक देश के रूप में देखता है। हाल के वर्षों में चीन की सैन्य घुसपैठ की घटनाएं बढ़ती गई हैं, जिसे अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने भी बार-बार गंभीरता से लिया है। अमेरिका समेत कई देशों ने चीन से संयम बरतने की अपील की है।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह सैन्य दबाव चीन द्वारा ताइवान को राजनीतिक और सैन्य रूप से झुकाने की रणनीति का हिस्सा है, ताकि उसे “वन चाइना नीति” के तहत आत्मसमर्पण के लिए मजबूर किया जा सके।

ताइवान सरकार ने देशवासियों को आश्वस्त किया है कि वह राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं करेगी और हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब प्रशांत क्षेत्र में अमेरिका और उसके सहयोगी देश भी सुरक्षा साझेदारी को मजबूत कर रहे हैं। स्थिति पर दुनिया की नजर बनी हुई है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें