मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:00 · नई दिल्ली संस्करण

पीओके के बाघ में गोलीबारी का मामला, निहत्थे नागरिकों पर फायरिंग का दावा

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
पीओके के बाघ में गोलीबारी का मामला, निहत्थे नागरिकों पर फायरिंग का दावा

इस्लामाबाद। जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने पीओके के बाघ में निहत्थे लोगों पर बेजा ताकत का इस्तेमाल किया। अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से रख रहे लोगों पर गोलियां बरसाईं और आंसू गैस के गोले भी दागे।

मंगलवार को विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कुछ क्लिप्स और तस्वीरों के साथ बताया कि पीओके स्थित मुजफ्फराबाद जिले के मकरी इलाके में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने आम नागरिकों की मोटरसाइकिलों में भी आग लगा दी।

ये नई घटनाएं पीओके में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पाकिस्तानी सेना की बढ़ती क्रूरता के बीच हुईं, जहां पिछले कुछ दिनों में कथित तौर पर 50 से ज्यादा लोग मारे गए हैं और सैकड़ों घायल हुए हैं।

जेएएसी ने यूनाइटेड नेशंस, यूएन हाई कमिश्नर फॉर ह्यूमन राइट्स (ओएचसीएचआर) के ऑफिस, इंटरनेशनल मीडिया और ह्यूमन राइट्स संस्थाओं से पीओके में बिगड़ते हालात पर करीब से नजर रखने, तुरंत और स्वतंत्र जांच के लिए दबाव डालने और किसी भी गैर-कानूनी बल प्रयोग के लिए जवाबदेही सुनिश्चित करने की अपील की।

अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर फुटेज शेयर करते हुए, जेएएसी ने लिखा, “सिक्योरिटी फोर्स बाघ में निहत्थे आम लोगों पर गोलियां दाग रहे थे और उन पर आंसू गैस का इस्तेमाल कर रहे थे।

हम यूनाइटेड नेशंस, ओएचसीएचआर, इंटरनेशनल मीडिया और ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइजेशन से अपील करते हैं कि वे तुरंत स्थिति को परखें और आम लोगों के खिलाफ प्रयोग किए गए गैर-कानूनी बल के लिए जो भी जिम्मेदार हैं उनकी जवाबदेही तय करें।”

जेएएसी ने दूसरी पोस्ट में भी फुटेज साझा करते हुए लिखा, “यह वीडियो मुजफ्फराबाद के मकरी में आम लोगों की मोटरसाइकिलों में आग लगाते हुए सिक्योरिटी कर्मियों को दिखाता है।

हम संयुक्त राष्ट्र समेत सभी अंतरराष्ट्रीय संगठनों से अपील करते हैं कि वो इन घटनाओं पर ध्यान दें, इसकी स्वतंत्र जांच करें और इसके लिए जो भी जिम्मेदार हैं उनकी जवाबदेही तय करें।”

इस बीच, जाने-माने इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइजेशन 'एमनेस्टी इंटरनेशनल' ने पाकिस्तानी अधिकारियों से पीओके में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सिक्योरिटी फोर्स के बल प्रयोग की एक स्वतंत्र और पारदर्शी जांच कराने की अपील की।

संगठन ने कहा कि रावलकोट से आ रही परेशान करने वाली रिपोर्ट्स पीओके में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पाकिस्तानी अधिकारियों के “गैर-कानूनी हिंसा” के लंबे समय से चले आ रहे पैटर्न को दिखाती हैं।

एमनेस्टी इंटरनेशनल ने एक्स पोस्ट में कहा, “ सुरक्षा बलों ने जिस तरह से निहत्थे लोगों को ताकत से चुप कराने की कोशिश की है उसके लिए स्वतंत्र और पारदर्शी जांच का आदेश दिया जाना चाहिए। जब ​​तक इंटरनेट और मोबाइल सेवाओं पर ब्लैकआउट रहेगा, तब तक जमीन पर स्थिति की पूरी हद तक स्वतंत्र जांच में रुकावट आएगी।”

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें