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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:44 · नई दिल्ली संस्करण

मुंबई में पहले निवेश के नाम पर 1 करोड़ ठगे, फिर बंधक बनाकर 2.25 करोड़ वसूले

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
मुंबई में पहले निवेश के नाम पर 1 करोड़ ठगे, फिर बंधक बनाकर 2.25 करोड़ वसूले

मुंबई। मुंबई के विले पार्ले पूर्व इलाके से करोड़ों रुपये की ठगी और रंगदारी वसूली का बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आरोपियों ने पहले एक व्यवसायी को निवेश में मोटा मुनाफा दिलाने का लालच देकर अपने जाल में फंसाया और 1 करोड़ रुपये ट्रांसफर करवा लिए।

जब पीड़ित को शक हुआ और उसने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने उसे और उसकी कंपनी के जनरल मैनेजर को बंधक बनाकर पिस्तौल के बल पर जान से मारने की धमकी दी और 2.25 करोड़ रुपये और वसूल लिए। इस तरह आरोपियों ने साजिश के तहत पीड़ित से कुल 3.25 करोड़ रुपये ऐंठ लिए। एयरपोर्ट पुलिस स्टेशन में 10 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी गई है।

पीड़ित आयुष नाकरा द्वारा पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, यह पूरी साजिश 15 जुलाई 2025 से 28 अगस्त 2025 के बीच रची गई। पीड़ित व्यवसायी के अनुसार, लक्ष्मीनारायण अग्रवाल, देवकुमार रॉय, सुशीलकुमार यादव और चेतन संघवी नामक चार ब्रोकरों ने संपर्क किया। इन लोगों ने खुद को बड़े कारोबारी निवेश नेटवर्क से जुड़ा बताते हुए शिकायतकर्ता को आर्कशिप ग्रुप कंपनी में निवेश करने पर भारी मुनाफे का भरोसा दिलाया।

आरोपियों ने दावा किया कि कम समय में रकम कई गुना होकर वापस मिलेगी। धीरे-धीरे आरोपियों ने व्यवसायी का भरोसा जीत लिया और उसे यकीन दिलाया कि उसका पैसा पूरी तरह सुरक्षित रहेगा।

शिकायत के मुताबिक, 22 अगस्त 2025 को आरोपियों ने पीड़ित की कंपनी के बैंक खाते से मानव धर्मयोग एनजीओ नामक संस्था के खाते में 1 करोड़ रुपये ट्रांसफर करवा लिए। व्यवसायी को बताया गया कि यह निवेश प्रक्रिया का हिस्सा है और जल्द ही उसे अच्छा रिटर्न मिलेगा।

कुछ दिन बाद जब पीड़ित ने रकम और मुनाफे को लेकर सवाल पूछने शुरू किए तो आरोपियों का व्यवहार बदल गया।

आरोप है कि 28 अगस्त 2025 को उमेश कुमार सुमन उर्फ सुबोध रंजन अपने करीब 15 साथियों के साथ पीड़ित व्यवसाई और कंपनी के जनरल मैनेजर पंकज रावत के पास पहुंचा। वहां दोनों के साथ बेरहमी से मारपीट की गई, लात-घूंसों से हमला किया गया और उनके सिर पर पिस्तौल तान दी गई। आरोपियों ने धमकी दी कि अगर तुरंत पैसे नहीं दिए गए तो दोनों को जान से मार दिया जाएगा।

अचानक हुए इस हमले से डरे-सहमे व्यवसाई ने अपनी और कर्मचारियों की जान बचाने के लिए आरोपियों की शर्त मान ली। पीड़ित ने अपनी कंपनी के बैंक खाते से नई जीवन ज्योति फाउंडेशन के बैंक खाते में 2.25 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए।

पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने 18 अप्रैल 2026 को रामाशिश कुमार गुप्ता उर्फ कुमार सर, उमेश कुमार सुमन उर्फ सुबोध रंजन, लक्ष्मीनारायण अग्रवाल, देवकुमार रॉय, सुशीलकुमार यादव, चेतन संघवी, सुरेंद्र कुमार, साक्षी कुमारी उर्फ वर्षा, स्वाती और गोयल समेत अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश तेज कर दी है।

पुलिस बैंक खातों, ट्रांजेक्शन डिटेल्स और आरोपियों के नेटवर्क की जांच कर रही है। साथ ही यह भी खंगाला जा रहा है कि एनजीओ खातों का इस्तेमाल किसी बड़े फर्जी निवेश रैकेट के लिए तो नहीं किया जा रहा था।

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