मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:42 · नई दिल्ली संस्करण

जमुई में पीएम मोदी ने थामी पूर्णिया के कलाकार पवन इक्का के हाथ से खंजरी

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन
जमुई में पीएम मोदी ने थामी पूर्णिया के कलाकार पवन इक्का के हाथ से खंजरी

पूर्णिया। बिहार के जमुई में आयोजित जनजाति गौरव दिवस 2024 समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कलाकारों के साथ सांस्कृतिक विरासत का जश्न मनाया। कार्यक्रम में विशेष आकर्षण का केंद्र पूर्णिया के कला भवन नाट्य विभाग की प्रस्तुति रही, जिसका संयोजन प्रसिद्ध रंगकर्मी विश्वजीत कुमार सिंह ने किया।समारोह की एक रोचक घटना में, प्रधानमंत्री मोदी ने पूर्णिया के आदिवासी कलाकार पवन इक्का द्वारा लकड़ी से निर्मित घुंघरू वाली खंजरी को स्वयं बजाकर कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। हुआ क्योंकि पीएम मोदी के स्वागत में अन्य टीमों के साथ पूर्णिया के कलाकारों की टीम मोदी के स्वागत में खड़े होकर आदिवासी वाद्य घुंघरू जड़ित झंझरी बजा रहे थे।इसी दौरान पीएम मोदी ने रुककर पूर्णिया के आदिवासी कलाकार पवन इक्का के हाथों से वह खंजरी ले ली और खुद बजाने लगे। इस मनमोहक घटना से पूर्णिया के कलाकार काफी खुश है एवं उन्हें गर्व है कि हमारे आदिवासी कलाकारो के हाथ से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा खंजरी देकर बजाया गया।यह कार्यक्रम संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार और कला संस्कृति युवा विभाग, बिहार सरकार के सहयोग से आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पूर्णिया कला भवन नाट्य विभाग की टीम में नाट्य निर्देशक कुंदन कुमार, रंगकर्मी शिवाजी राव और राज रौशन सहित अन्य कलाकार शामिल थे।विश्वजीत कुमार सिंह, जो बिहार कला पुरस्कार, भिखारी ठाकुर अवार्ड और राष्ट्रीय लोक विद पुरस्कार से सम्मानित हैं, के नेतृत्व में कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से समारोह को यादगार बना दिया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री के साथ आदिवासी कलाकारों की यह अनौपचारिक मुलाकात जनजातीय कला और संस्कृति के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें