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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:28 · नई दिल्ली संस्करण

प्रदूषण नियंत्रण के लिए दिल्ली सरकार का महत्वपूर्ण प्रयास

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
प्रदूषण नियंत्रण के लिए दिल्ली सरकार का महत्वपूर्ण प्रयास

नई दिल्ली। दिल्ली में वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने एक और अहम कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज छह नए कंटीन्यूअस एम्बिएंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम यानी सीएएक्यूएमएस का शुभारंभ किया। इसी अवसर पर ‘वायु रक्षक’ फ्लीट को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया, जो राजधानी के अलग-अलग इलाकों में वायु गुणवत्ता की निगरानी और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़ी कार्रवाई करेगी।

इस कार्यक्रम की अध्यक्षता दिल्ली सरकार में पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने की। उन्होंने एक्स पोस्ट में लिखा, "प्रदूषण के विरुद्ध युद्ध में आज दिल्ली ने एक और मजबूत कदम आगे बढ़ाया। ये नए स्टेशन पीएम2.5 और पीएम10 जैसे घातक प्रदूषकों की सटीक निगरानी करेंगे। साथ ही, 35 ईवी ‘वायु रक्षक’ फ्लीट को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया, जो 'ग्राउंड फोर्स' की तरह शहर के हर इलाके में जाकर हवा की लाइव निगरानी करेगी।

इसके साथ ही 100 वायु रक्षक भी तैनात किए गए हैं, जिससे प्रदूषण रोकने के नियमों का पालन और भी मजबूती से हो सकेगा।"

छह नए सीएएक्यूएमएस के जुड़ने के साथ ही दिल्ली में एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम की कुल संख्या बढ़कर 46 हो गई है। इन प्रणालियों के माध्यम से शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता की वास्तविक स्थिति की निरंतर और सटीक निगरानी संभव हो सकेगी।

इससे प्रदूषण के स्रोतों की पहचान करने और समय रहते प्रभावी कदम उठाने में प्रशासन को मदद मिलेगी।

‘वायु रक्षक’ फ्लीट को विशेष रूप से इस उद्देश्य से तैयार किया गया है कि यह विभिन्न इलाकों में जाकर मौके पर वायु गुणवत्ता की जांच करे और जहां आवश्यकता हो, वहां तत्काल प्रदूषण नियंत्रण की कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। इससे न केवल निगरानी तंत्र मजबूत होगा, बल्कि जमीनी स्तर पर अमल भी बेहतर हो पाएगा।

आज जिन स्थानों पर नए एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम शुरू किए गए हैं, उनमें जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, नेताजी सुभाष प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का वेस्ट कैंपस, सीडब्ल्यूजी अक्षरधाम, सीडब्ल्यूजी दिल्ली कैंट और तालकटोरा गार्डन शामिल हैं।

सिरसा ने कहा कि यह मुख्यमंत्री के संकल्प का प्रमाण है। हमारी सरकार पिछली सरकारों की तरह सिर्फ समस्या नहीं गिनाती, बल्कि समाधान लेकर आती है और उसे ज़मीन पर उतारती है।

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