मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:55 · नई दिल्ली संस्करण

भारत-उज्बेकिस्तान व्यापार में अपार संभावनाएं, खनन और टेक्सटाइल पर जोर: पीयूष गोयल

नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा कि भारत और उज्बेकिस्तान के बीच द्विपक्षीय व्यापार की अपार संभावनाएं हैं और खनन, टेक्सटाइल, हेल्थकेयर और मेडिकल…

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन112 बार पढ़ा गया
भारत-उज्बेकिस्तान व्यापार में अपार संभावनाएं, खनन और टेक्सटाइल पर जोर: पीयूष गोयल

नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा कि भारत और उज्बेकिस्तान के बीच द्विपक्षीय व्यापार की अपार संभावनाएं हैं और खनन, टेक्सटाइल, हेल्थकेयर और मेडिकल डिवाइस जैसे क्षेत्रों में बड़े अवसर मौजूद हैं।

उज्बेकिस्तान के निवेश, उद्योग और व्यापार मंत्री लाजिज कुद्रतोव की उपस्थित में भारत-उज्बेकिस्तान बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए गोयल ने दोनों देशों के कारोबारियों को साथ मिलकर निवेश, मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेट करने के लिए प्रोत्साहित किया। साथ ही, कहा कि दोनों देशों को अगले तीन वर्षों में अपने द्विपक्षीय कारोबार को दोगुना करने पर फोकस करना चाहिए।

केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि दोनों देशों के बीच आपसी भरोसे, सम्मान और खुशहाली के साझा विजन पर आधारित रणनीतिक साझेदारी से व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग बढ़ाने के बहुत सारे मौके मिलते हैं।

गोयल ने कहा कि भारत और उज्बेकिस्तान में व्यापार की अपार संभावनाएं हैं, जिनका अभी तक पूरी तरह से इस्तेमाल नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि हालांकि दोनों देशों के बीच व्यापार लगभग 1.5 अरब डॉलर तक पहुंच गया है, लेकिन यह उस क्षमता का बहुत छोटा हिस्सा है जिसे दोनों अर्थव्यवस्थाएं मिलकर हासिल कर सकती हैं।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत, उज्बेकिस्तान को न केवल एक बड़ा और बढ़ता हुआ बाजार देता है, बल्कि एक भरोसेमंद पार्टनर, कुशल और युवा वर्कफोर्स और इनोवेशन-आधारित विकास के लिए एक मंच भी प्रदान करता है।

भारत और उज्बेकिस्तान के बीच हाल ही में हुई द्विपक्षीय निवेश संधि का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह समझौता निवेशकों का भरोसा बढ़ाएगा और दोनों देशों के व्यवसायों को एक-दूसरे की अर्थव्यवस्थाओं में निवेश करने और लंबे समय तक चलने वाली पार्टनरशिप बनाने के लिए प्रोत्साहित करेगा।

गोयल ने ऐसे कई क्षेत्रों की पहचान की जिनमें आपसी सहयोग की मजबूत संभावनाएं हैं और जो द्विपक्षीय सहयोग के लिए बड़े अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि उज्बेकिस्तान माइनिंग सेक्टर में भारतीय निवेश के लिए बड़े अवसर पेश करता है। उन्होंने टेक्सटाइल क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर भी ज़ोर दिया।

साथ ही कपास उत्पादन में उज्बेकिस्तान की मजबूती और टेक्सटाइल उद्योग में भारत की अग्रणी भूमिका का जिक्र किया, साथ ही गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग, डिजाइन और वैश्विक बाजारों में मिलकर विस्तार करने के अवसरों पर भी प्रकाश डाला।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें