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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:29 · नई दिल्ली संस्करण

बिहार में धड़ल्ले से संचालित हो रहे अवैध अस्पताल, 16 दिन के नवजात शिशु को गंवानी पड़ी जान

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
बिहार में धड़ल्ले से संचालित हो रहे अवैध अस्पताल, 16 दिन के नवजात शिशु को गंवानी पड़ी जान

सीवान। बिहार के सीवान में अवैध रूप से ऐसे अस्पताल और निजी क्लीनिक संचालित हो रहे हैं, जहां न तो प्रशिक्षित डॉक्टर हैं और न ही अस्पताल संचालकों के पास वैध लाइसेंस। ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि आखिर ये अस्पताल कैसे संचालित हो रहे हैं।

जिले में अवैध रूप से संचालित हो रहे अस्पतालों का मामला ऐसे समय में चर्चा में आया है, जब 16 दिन से डॉ उमेश के क्लीनिक में भर्ती एक नवजात शिशु की मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने अस्पताल में पहुंचकर अपना रोष जताया।

परिजनों का आरोप है कि इस अस्पताल को फर्जी तरीके से संचालित किया जा रहा है। यहां न ही प्रशिक्षित डॉक्टर हैं न ही और कोई अन्य स्वास्थ्यकर्मी है।

इसके बावजूद भी यहां पर आने वाले मरीजों से हजारों रुपये फीस के नाम पर वसूले जाते हैं।

बताया जा रहा है कि जिलेभर में इस तरह के एक नहीं बल्कि कई तरह के अस्पताल संचालित हो रहे हैं, जिनके पास न ही वैध दस्तावेज हैं और न ही प्रशिक्षित डॉक्टर। कई बार अस्पताल में अप्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी मरीजों को सूई लगा देते हैं।

इसके बाद मरीजों को कई प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

साथ ही, कहा जा रहा है कि कई बार इस संबंध में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से इस संबंध में शिकायत की जा चुकी है। लेकिन, हैरानी की बात यह है कि अब तक इस मामले में किसी भी प्रकार की कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इस वजह से इस तरह के अस्पतालों और अन्य क्लीनिक संचालकों के हौसले बुलंद हो रहे हैं और वो इसे धडल्ले से संचालित कर रहे हैं।

अब स्थानीय लोगों ने एकजुट होकर इस मामले की शिकायत जिला प्रशासन से की है और मांग की है कि सख्त कार्रवाई की जाए।

साथ ही, जो लोग भी इन अस्पतालों का संचालन कर रहे हैं, उन्हें चिन्हित करके उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

स्थानीय लोगों का कहना है कि क्या गरीबों की जान की कोई कीमत नहीं है ? जो कि अभी तक इस तरह के लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है। अब इस तरह की स्थिति को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

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