अररिया के ताराबाड़ी में भारी बवाल, गोलियां से कई ज़ख़्मी -पुलिस हिरासत में जीजा साली की मौत के बाद हालात बेकाबू
फारबिसगंज/अररिया। अररिया के ताराबाड़ी थाने में पुलिस हिरासत में जीजा साली की मौत के बाद हालात बेकाबू हो गए हैं। जमकर बवाल हो रहा है। लोग थाने से जीजा और नाबालिग साली के शवों को नहीं निकालने दे रहे हैं। वही, 1000 से अधिक लोगों ने थाने को घेर लिया है और आगजनी की है। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस गोलियां चला रही है।आक्रोशित ग्रामीणों का आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन जारी है और पुलिसकर्मियों के ऊपर जमकर पथराव किया,जिसमे सदर एसडीपीओ रामपुकार सिंह समेत पांच पुलिसकर्मी पथराव में घायल हो गए हैं। दरअसल दो दिन पहले युवक ने 14 वर्षीय साली को भगाकर शादी कर ली थी। दोनों साथ ही रह रहे थे। उसने पहली पत्नी और एक बच्चे को छोड़ दिया था।घटना के बाद लड़की के पिता ने युवक पर नाबालिग लड़की का अपहरण कर शादी रचाने का आरोप लगाते हुए थाने में आवेदन दिया था। एक दिन पहले पूर्व पत्नी ने भी थाने में शिकायत की थी। इसके बाद पुलिस दोनों को हिरासत में लेकर थाने ले आई, जहां संदिग्ध परिस्थितियों में दोनों की मौत हो गई ।लोगों के आक्रोशन पूर्ण रवैये के बीच ताराबाड़ी थाने के समीप चलाई गई एक गोली मानती देवी पति शोभित पासवान के बाएं हाथ में लगी है।गोली हाथ को छेदते हुए बाहर निकल गयी,जिसके बाद परिजन उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल ले गये,जहां चिकित्सक ने प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया।बताया जाता है कि मानती देवी ताराबाड़ी वार्ड संख्या 15 की है और वे थाना चौक के समीप चाय नास्ते की दुकान करती थी।थाना परिसर में भगदड़ देखकर वे दुकान का सामान समेट रहे थी।इसी क्रम में गोली उनके हाथ में लग गयी, जबकि जमुआ पंचायत वार्ड संख्या 11 मनोज मंडल पिता मथुरानंद मंडल के बाएं पैर में गोली लगी है।वहीं भगदड़ में श्यामा देवी पति नॉखे लाल सिंह के पैर में चोट लगी है। जिला के ताराबाड़ी थाना के हाजत में हुए जीजा एवं साली की आत्महत्या मामले में आक्रोशित लोगों के द्वारा किए गए पत्र एवं तोड़फोड़ की घटना को लेकर पुलिस ने दस लोगों को हिरासत में लिया है। मामले को लेकर अररिया जिला पुलिस की ओर से एक प्रेस रिलीज जारी की गई है जिसमें बताया गया है कि ताराबाड़ी थाना में हुए आत्महत्या मामले में आक्रोशित लोगों के द्वारा पथराव एवं तोड़फोड़ की घटना को अंजाम दिया गया,जिसमें उपद्रवी तत्वों के द्वारा चार सरकारी वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया एवं थाना परिसर में ही पब्लिक के बैठने के लिए बने फूस की झोपड़ी में आग लगा दिया गया।





