दिल्ली के स्वास्थ्य तंत्र में ऐतिहासिक बदलाव: 1,429 स्वास्थ्यकर्मियों को स्थायी नियुक्ति, आयुष्मान भारत पंजीकरण वैन की भी हुई शुरुआत

दिल्ली के स्वास्थ्य तंत्र में ऐतिहासिक बदलाव: 1,429 स्वास्थ्यकर्मियों को स्थायी नियुक्ति, आयुष्मान भारत पंजीकरण वैन की भी हुई शुरुआत
नई दिल्ली, 6 जुलाई 2025 — राजधानी दिल्ली में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक और जनहितकारी पहल की शुरुआत हुई है। वर्षों तक अस्थायी रूप से कार्यरत नर्सों और पैरामेडिकल कर्मचारियों को अब स्थायी नियुक्ति का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। दिल्ली सरकार द्वारा 1,388 नर्सों और 41 पैरामेडिकल स्टाफ को स्थायी नियुक्ति पत्र प्रदान किए जा रहे हैं, जिससे न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी, बल्कि हजारों परिवारों को सामाजिक और आर्थिक स्थिरता का आधार भी मिलेगा।
यह महत्वपूर्ण कार्यक्रम आज सुबह 10:30 बजे विज्ञान भवन में आयोजित किया गया, जिसमें केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जे.पी. नड्डा ने गरिमामयी उपस्थिति दर्ज की। इस अवसर पर दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, स्वास्थ्यकर्मी, तथा लाभार्थी परिवार भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी वक्तव्य में कहा गया कि यह सिर्फ नौकरियों की प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक संवेदनशील और दूरगामी दृष्टिकोण का हिस्सा है, जिसमें वर्षों से कार्यरत कर्मचारियों को सम्मान, सुरक्षा और स्थायित्व प्रदान करना प्राथमिक उद्देश्य है।
कार्यक्रम में एक और जन-उपयोगी योजना की शुरुआत की गई — आयुष्मान भारत पंजीकरण वैन का लोकार्पण। यह मोबाइल सुविधा वाहन दिल्ली के विभिन्न इलाकों में जाकर नागरिकों का आयुष्मान भारत योजना में निःशुल्क पंजीकरण करेगा। इसका उद्देश्य है कि कोई भी नागरिक देश की सबसे बड़ी स्वास्थ्य सुरक्षा योजना से वंचित न रहे। यह पहल विशेष रूप से झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्रों, अनौपचारिक बस्तियों और वंचित तबकों तक स्वास्थ्य सुविधा पहुँचाने की दिशा में एक सशक्त कदम है।
दिल्ली सरकार की यह दूरदर्शी और जनसेवा आधारित पहल माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “स्वस्थ भारत, समर्थ भारत” के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक मजबूत प्रयास है। इस कदम से न केवल स्वास्थ्य क्षेत्र में सेवाएं सुचारु और सशक्त होंगी, बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने, रोजगार में स्थायित्व देने और समाज में भरोसे का माहौल कायम करने में भी सहायता मिलेगी।
अब दिल्ली का स्वास्थ्य ढांचा और अधिक संगठित, स्थायी और संवेदनशील बनने की दिशा में अग्रसर है। जहां एक ओर समर्पित और प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों को स्थायी रोजगार मिलेगा, वहीं दूसरी ओर हर नागरिक को सुलभ, गरिमामय और गुणवत्तापूर्ण इलाज का हक सुनिश्चित किया जाएगा। यह बदलाव केवल नीति का नहीं, बल्कि एक मानवीय दृष्टिकोण का प्रतीक है, जो दिल्ली को एक सशक्त और संवेदनशील राजधानी के रूप में स्थापित करेगा।





