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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:28 · नई दिल्ली संस्करण

जबलपुर : अलॉट किसी कार्य के लिए चल कुछ और रहा, हाईकोर्ट ने बेदखली को उचित ठहराया

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन
जबलपुर : अलॉट किसी कार्य के लिए चल कुछ और रहा, हाईकोर्ट ने बेदखली को उचित ठहराया

जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट की जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की डिवीजन बेंच ने भोपाल के मण्डीदीप के इंडस्ट्रियल एरिया में आवंटित प्लॉट से बेदखली की कार्रवाई पर सवाल उठाने वाले रायसेन के व्यापारी की याचिका को खारिज कर दिया है।रायसेन के व्यापारी अथर हुसैन की ओर से दायर इस याचिका में कहा गया था कि उनकी फर्म नंदोरा ग्रुप को 13 जुलाई 2017 को मण्डीदीप के इंडस्ट्रियल एरिया में 30 हजार वर्ग फुट जमीन आवंटित हुई थी। वहां पर प्रीकॉस्ट वॉल्स और सीमेन्ट पेवर्स ब्लॉक्स की यूनिट स्थापित होनी थी।याचिकाकर्ता और भोपाल नगर निगम के बीच तीन फरवरी 2018 को लीज का भी निष्पादन हुआ। उक्त जमीन का निरीक्षण करने पर वहां कंक्रीट मिक्सर प्लान्ट का संचालन पाए जाने पर उसे 60 दिन में बंद करने के निर्देश दिए गए। इसके बाद एमपी इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के एमडी द्वारा लीज निरस्त करके के लिए की जा रही बेदखली की कार्रवाई को चुनौती देकर यह याचिका दायर की गई थी। सुनवाई के बाद बेंच ने मामला हस्तक्षेप योग्य न पाते हुए याचिका खारिज कर दी।बेंच ने कहा कि लीज निरस्तीकरण का आदेश अंतिम रूप ले चुका है, इसलिए बेदखली की कार्रवाई पर सवाल उठाने का अब कोई आधार नहीं है। बेंच ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता को प्लॉट का आवंटन पेवर ब्लॉक्स बनाने के लिए हुआ था, लेकिन वहां पर कंक्रीट सीमेन्ट मिक्सर प्लान्ट चल रहा था। गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से शासकीय अधिवक्ता राजवर्धन दत्त पड़रहा ने दलीलें रखीं।

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