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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:23 · नई दिल्ली संस्करण

दुर्गा पंडालों के खिलाफ लगी याचिका पर हाईकोर्ट का तुरंत राहत देने से इनकार

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
दुर्गा पंडालों के खिलाफ लगी याचिका पर हाईकोर्ट का तुरंत राहत देने से इनकार

जबलपुर। मप्र के जबलपुुर में नवरात्रि दुर्गा उत्सव के बीच ग्वारीघाट क्षेत्र स्थित एक दुर्गा पंडाल को अवैध बताते हुए मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया कि याचिकाकर्ता ने केवल ग्वारीघाट ही नहीं बल्कि पूरे शहर में लगे दुर्गा उत्सव पंडालों के खिलाफ भी एक जनहित याचिका दायर की है। कोर्ट ने फिलहाल इस मामले में त्वरित राहत देने से साफ इनकार किया और स्पष्ट कर दिया कि केवल कुछ दिनों के लिए आयोजित किए जाने वाले धार्मिक आयोजनों पर इस तरह का विरोध स्वीकार्य नहीं है।याचिकाकर्ता रिटायर्ड शासकीय कर्मचारी चमन लाल दोहरे के अनुसार ग्वारीघाट ब्रह्मश्री कॉलोनी के बाहर सामाजिक महाकाली उत्सव समिति के पंडाल में मां काली की प्रतिमा स्थापित की गई है। वह पंडाल अवैध अतिक्रमण की श्रेणी में आता है। इस बात को लेकर उन्होंने अदालत का दरवाज़ा खटखटाया है।सुनवाई के दौरान जब याचिकाकर्ता की ओर से तर्क दिया गया कि इस आयोजन से उन्हें परेशानी हो रही है, तो कोर्ट ने कड़े शब्दों में फटकार लगाई। डिविजन बेंच के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता का रवैया ऐसा लग रहा है मानो वह सभी धर्मों का विरोध करता हो। कोर्ट ने कहा कि धार्मिक आयोजनों पर इस तरह से रोक लगाने की मंशा सही नहीं है और इस पर कोई तात्कालिक राहत नहीं दी जा सकती।पश्चिम मध्य रेलवे की ओर से अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि समिति ने रेलवे से बाकायदा अनुमति ली है और यह 8 अक्टूबर तक मान्य है। इस पर याचिकाकर्ता की ओर से तर्क दिया गया कि नगर निगम से अनुमति लेना भी आवश्यक है, लेकिन कोर्ट ने इस तर्क को खारिज करते हुए कहा कि रेलवे की अनुमति के बाद पंडाल अतिक्रमण की श्रेणी में नहीं आता।याचिकाकर्ता की ओर से बार-बार निवेदन किया गया कि सुनवाई को अर्जेंट रखा जाए, लेकिन हाईकोर्ट ने सख्त अंदाज में कहा कि आपकी याचिका "हेवी कास्ट" के साथ खारिज की जा सकती है। कोर्ट ने विकल्प देते हुए कहा कि या तो अगली तारीख का इंतजार करें या फिर याचिका खारिज करवा लें। जब याचिकाकर्ता ने कहा कि अगली सुनवाई तक तो दुर्गा उत्सव ही समाप्त हो जाएगा और मामला निरर्थक हो जाएगा, तो कोर्ट ने कहा हमें यह मालूम है। इसके साथ ही 10 अक्टूबर तक के लिए सुनवाई टाल दी गयी। कोर्ट में उक्‍त सुनवाई की कार्यवाही शुक्रवार की को गई थी।

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