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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:33 · नई दिल्ली संस्करण

दिल्ली आबकारी नीति से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सुनवाई टली, केजरीवाल-सिसोदिया को पेशी से छूट

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
दिल्ली आबकारी नीति से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सुनवाई टली, केजरीवाल-सिसोदिया को पेशी से छूट

नई दिल्ली। दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट से पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को बड़ी राहत मिली है। आबकारी नीति से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की सुनवाई गुरुवार को टल गई। इस मामले की अगली सुनवाई अक्टूबर में होगी।

अदालत ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को गुरुवार को पेश होने से राहत दे दी। दोनों नेताओं ने अदालत से पेशी से छूट की अर्जी लगाई थी। केजरीवाल और सिसोदिया की ओर से कहा गया कि वे इस समय पंजाब में बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे हैं और वहां राहत एवं बचाव कार्यों में पीड़ितों की सहायता में जुटे हैं। अदालत ने इस आधार पर उनकी उपस्थिति से छूट प्रदान कर दी।

गौरतलब है कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दिल्ली की आबकारी नीति मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के तहत यह केस दर्ज किया था। इस मामले में कई नेताओं और अधिकारियों पर जांच एजेंसी शिकंजा कस चुकी है। अब देखना होगा कि अक्टूबर में होने वाली अगली सुनवाई में इस मामले पर अदालत क्या रुख अपनाती है।

बता दें कि पंजाब में हो रही बारिश और बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। नदियां उफान पर हैं और कई जिलों में जलजमाव है।

प्रदेश के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर राज्य के लिए राहत की मांग की थी। मुख्यमंत्री ने कहा था कि पंजाब के लिए मुश्किल समय है, इसलिए केंद्र सरकार पंजाब का 60 हजार करोड़ रुपए का रुका हुआ फंड जारी करे। इसके साथ ही, उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि मुआवजा राशि को 50 हजार प्रति एकड़ तक बढ़ाने के लिए राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (एसडीआरएफ) के मुआवजा नियमों में तत्काल संशोधन किया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार केंद्र की योजना के अनुसार 25 प्रतिशत योगदान देना जारी रखेगी।

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