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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:01 · नई दिल्ली संस्करण

अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी पर दिल्ली हाई कोर्ट का फैसला सुरक्षित

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन

- बेंच ने शाम चार बजे फैसला अपलोड करने का आदेश दिया

नई

दिल्ली । दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली आबकारी घोटाला

मामले में गिरफ्तार दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अपनी हिरासत

और गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है।

जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की बेंच ने आज शाम चार बजे फैसला अपलोड करने का

आदेश दिया।

आज सुनवाई के दौरान केजरीवाल की ओर से पेश वरिष्ठ वकील

अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि केजरीवाल की गिरफ्तारी की वजह राजनीतिक है।

उनको और उनकी पार्टी को लोकसभा चुनाव में निष्क्रिय करने के लिए उनको

गिरफ्तार किया गया है। सुनवाई के दौरान सिंघवी ने कहा कि ये गिरफ्तारी

लोकतंत्र और संविधान के बुनियादी ढांचे पर हमला है। सिंघवी ने कहा कि जांच

2022 में शुरू हुई थी।

उन्होंने कहा कि केजरीवाल को अक्टूबर, 2023

में समन भेजा गया था। बिना बयान दर्ज किए पिछले हफ्ते गिरफ्तार कर लिया

गया। अभी ऐसी गिरफ्तारी की क्या जरूरत थी। ऐसा क्या है, जो बिना गिरफ्तार

किए ईडी नहीं कर पा रहा था। सिंघवी ने कहा कि मैंने पहले भी कहा था कि

वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पूछताछ कर सकते हैं लेकिन नहीं किया। अब

गिरफ्तार करने के बाद कहते हैं कि सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकते हैं जबकि

इस मामले में गिरफ्तारी की जरूरत ही नहीं थी।

सिंघवी की दलील खत्म

होने के बाद वरिष्ठ वकील अमित देसाई ने केजरीवाल की ओर से दलील रखने की

कोशिश की। इसका ईडी की ओर से पेश एएसजी एसवी राजू ने विरोध किया। राजू ने

कहा कि अगर ईडी कहे कि उसकी ओर से पांच वकील दलीलें रखेंगे तो क्या होगा।

इस पर कोर्ट ने भी हामी भरी। राजू ने कहा कि हम इस याचिका का जवाब देंगे।

सुप्रीम कोर्ट कह चुका है कि पक्षकारों को सुनना होगा। तब कोर्ट ने कहा कि

हमने पहले ही कहा है कि मुख्य मामले में नोटिस जारी करेंगे। तब राजू ने कहा

कि अंतरिम राहत के मामले पर हमें जवाब दाखिल करने का अधिकार है। अगर हमें

जवाब दाखिल करने का अधिकार नहीं दिया जाएगा तो दलीलें रखने का क्या मतलब

है। हमें हमारे अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता है।

कोर्ट ने

राजू से पूछा कि आपको याचिका की प्रति कब मिली। तब राजू ने कहा कि 26 मार्च

को दोपहर में। तब कोर्ट ने कहा कि अगर उन्हें 26 मार्च को दोपहर में प्रति

मिली तो हमें नोटिस जारी करना होगा। इस पर केजरीवाल की ओर से वकील शादान

फरासत ने कहा कि हमने 24 मार्च को ही याचिका दायर कर दी थी। हमने अर्जी की

कमियां दूर कर ली थीं। हमने ईडी को पर्याप्त समय दिया है। जवाब दाखिल करने

के लिए समय केवल देर करने के लिए मांगा जा रहा है।

दरअसल, केजरीवाल

ने 23 मार्च को हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर 24 मार्च को सुनवाई की मांग

की थी लेकिन कोर्ट ने 27 मार्च को सुनवाई करने का आदेश दिया था। याचिका

में 22 मार्च को राऊज एवेन्यू कोर्ट की ओर से 28 मार्च तक की ईडी हिरासत

में भेजने के आदेश को चुनौती गई है। केजरीवाल ने कहा है कि वे वर्तमान

सरकार के मुखर आलोचक रहे हैं, इसलिए उन्हें गिरफ्तार किया गया है।

इससे

पहले दिल्ली हाई कोर्ट से 21 मार्च को गिरफ्तारी से संरक्षण नहीं मिलने के

बाद ईडी ने ही उसी दिन देर शाम अरविंद केजरीवाल को पूछताछ के बाद गिरफ्तार

कर लिया था। ईडी के मुताबिक अरविंद केजरीवाल शराब नीति घोटाले के मुख्य

साजिशकर्ता हैं। ईडी के मुताबिक उसे केजरीवाल के घर पर छापेमारी में कई अहम

दस्तावेज मिले हैं। इनसे पता चला है कि केजरीवाल ईडी अधिकारियों की जासूसी

कर रहे थे।

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