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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:16 · नई दिल्ली संस्करण

बिभव कुमार की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट 1 जुलाई को सुनाएगी फैसला

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन

नई

दिल्ली, । दिल्ली हाई कोर्ट की जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की

बेंच सांसद स्वाति मालीवाल से मारपीट के आरोपित बिभव कुमार की गिरफ्तारी

को चुनौती देने वाली याचिका पर 1 जुलाई को फैसला सुनाएगी। हाई कोर्ट ने यह

याचिका सुनवाई योग्य है या नहीं, इस पर 31 मई को फैसला सुरक्षित रख लिया

था।

हाई कोर्ट अपने फैसले में ये तय करेगा कि बिभव की याचिका

सुनवाई योग्य है या नहीं। सुनवाई के दौरान विभव के वकील एन हरिहरन ने कहा

था कि इस मामले में जांच अधिकारी को यह देखना चाहिए था कि उसमें गिरफ्तारी

की जरूरत है या नहीं, उसके बाद ही उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए था।

उन्होंने कहा था कि अर्नेश कुमार के फैसले के आधार पर गिरफ्तारी को चुनौती

दी जा सकती है। बिभव के वकील ने कहा कि गिरफ्तारी से पहले गिरफ्तारी के

आधार और वजह नहीं बताया गया। इससे अपराध प्रक्रिया की धारा 41ए के

प्रावधानों का उल्लंघन हुआ है।

बिभव कुमार ने अपनी

गिरफ्तारी को गैरकानूनी बताते हुए मुआवजे की मांग की है। बिभव कुमार ने कहा

है कि उनकी गिरफ्तारी करते समय अपराध प्रक्रिया संहिता की धारा 41ए का

पालन नहीं किया गया है। तीस हजारी कोर्ट ने 28 मई को बिभव कुमार को तीन

दिनों की पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया था। 27 मई को तीस हजारी

कोर्ट ने बिभव कुमार की जमानत याचिका खारिज कर दी थी।

दिल्ली पुलिस

ने 18 मई को बिभव कुमार को गिरफ्तार किया था। सुनवाई के दौरान दिल्ली

पुलिस की ओर से पेश वकील अतुल श्रीवास्तव ने कहा था कि एफआईआर में स्वाति

ने ख़ुद साफ किया कि उसने पुलिस को अप्रोच करने में देरी क्यों की। वो इस

घटना के बाद ट्रामा में थी, इस वजह से देरी हुई, जबकि बिभव के वकील ने कहा

था कि सीसीटीवी फुटेज में कहीं भी स्वाति मालीवाल के साथ मारपीट की पुष्टि

नहीं होती है। उन्होंने कहा था कि अगर पुलिस को शिकायत देने में भी तीन दिन

लग रहे है तो यह साफ है कि इस दौरान स्वाति साजिश रच रही थी।

इस

मामले में स्वाति मालीवाल ने 17 मई को कोर्ट में अपना बयान दर्ज कराया था।

घटना 13 मई की है। दिल्ली पुलिस ने 16 मई को स्वाति मालीवाल का बयान दर्ज

कर एफआईआर दर्ज किया था। बिभव कुमार ने दिल्ली हाई कोर्ट में जमानत याचिका

भी दायर कर रखी है, जो अभी लंबित है।

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