मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:13 · नई दिल्ली संस्करण

दिल्ली हिंसा मामले में उमर खालिद की जमानत याचिका पर सुनवाई से जस्टिस अमित शर्मा अलग हुए

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन

नई

दिल्ली, । दिल्ली हाई कोर्ट के जज जस्टिस अमित शर्मा ने

दिल्ली हिंसा मामले के आरोपित उमर खालिद की जमानत याचिका पर सुनवाई से खुद

को अलग कर लिया है। हाई कोर्ट में अब इस मामले की सुनवाई 24 जुलाई को होगी।

इस

मामले की सुनवाई अब उस बेंच के समक्ष होगी, जिस बेंच के सदस्य जस्टिस अमित

शर्मा नहीं होंगे। कड़कड़डूमा कोर्ट ने 28 मई को उमर खालिद की जमानत

याचिका खारिज कर दी थी। कड़कड़डूमा कोर्ट में सुनवाई के दौरान उमर खालिद की

ओर से त्रिदिप पेस ने कहा था कि दिल्ली पुलिस की चार्जशीट में बार-बार नाम

लेने और झूठ बोलने से कोई तथ्य सच साबित नहीं हो जाएगा। उन्होंने कहा था

कि उमर खालिद के खिलाफ मीडिया ट्रायल भी चलाया गया। पेस ने कहा था कि जमानत

पर फैसला लेते समय कोर्ट को हर गवाह और दस्तावेज का परीक्षण करना होगा।

उन्होंने भीमा कोरेगांव मामले में वर्नोन गोंजाल्वेस और शोमा सेन के मामले

का जिक्र करते हुए उमर खालिद की जमानत की मांग की।

सुनवाई के

दौरान दिल्ली पुलिस की ओर से स्पेशल पब्लिक प्रोसिक्यूटर अमित प्रसाद ने

कहा था कि उमर खालिद की ओर से जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान ये नहीं कहा

जा सकता है कि जांच में कई गड़बड़ियां हैं। ये आरोप मुक्त करने की याचिका

नहीं है। इस मामले में उमर खालिद की ओर से कहा गया था कि इस मामले के दूसरे

आरोपितों के खिलाफ हमसे गंभीर आरोप हैं और वे जमानत पर हैं और उन्हें तो

दिल्ली पुलिस ने आरोपित भी नहीं बनाया था। उमर खालिद की ओर से पेश वकील

त्रिदीप पेस ने कहा था कि जिन तथ्यों के आधार पर तीन आरोपितों को जमानत दी

गई, वही तथ्य उमर खालिद के साथ भी हैं। उन्होंने समानता के सिद्धांत की बात

करते हुए उमर खालिद को जमानत देने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि उमर

खालिद के खिलाफ कोई आतंकी कानून की धारा नहीं लगी है।

उमर खालिद ने

सुप्रीम कोर्ट से अपनी जमानत याचिका वापस ले ली थी और कहा था कि अब वे

ट्रायल कोर्ट में याचिका दायर करेंगे। उमर खालिद को 2020 के दिल्ली दंगों

के पीछे कथित बड़ी साजिश के मामले में गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम

के तहत गिरफ्तार किया गया था। फिलहाल वो जेल में है। इससे पहले 18

अक्टूबर, 2022 को दिल्ली हाई कोर्ट ने उमर खालिद की जमानत याचिका खारिज कर

दी थी।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें