ट्रायल कोर्ट से केजरीवाल को मिली जमानत को ईडी की चुनौती पर 7 अगस्त को हाई कोर्ट में सुनवाई
नई
दिल्ली, । दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली आबकारी घोटाला
मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को ट्रायल कोर्ट से मिली
जमानत को चुनौती देने वाली ईडी की याचिका पर सोमवार को सुनवाई टाल दी है।
हाई कोर्ट ने 7 अगस्त को इस मामले पर अगली सुनवाई करने का आदेश दिया।
आज
केजरीवाल के वकील विक्रम चौधरी ने कहा कि कल देर रात ईडी ने अपना जवाब
दाखिल किया, जिसे हम पढ़ नहीं सके हैं। चौधरी ने सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम
जमानत पर रिहा करने के आदेश को भी हाई कोर्ट के सामने रखा। इस मामले में
ट्रायल कोर्ट ने संज्ञान भी लिया है। इसलिए हमें जवाब देने के लिए समय दिया
जाए। कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल की वकीलों से साथ लीगल मुलाकात की संख्या
बढ़ाने की मांग वाली याचिका पर कल यानी 16 जुलाई को सुनवाई का आदेश दिया।
सुनवाई
के दौरान 10 जुलाई को ईडी ने केजरीवाल की ओर से दाखिल जवाब के उत्तर में
जवाब दाखिल करने के लिए समय देने की मांग की थी। केजरीवाल ने अपने जवाब में
कहा था कि ट्रायल कोर्ट की ओर से मिली जमानत को निरस्त करना न्याय के साथ
खिलवाड़ होगा। केजरीवाल की ओर कहा गया था कि ईडी ने गलत तरीके से दबाव बना
कर गवाहों के बयान दर्ज किए हैं।
इसके पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने
केजरीवाल को ट्रायल कोर्ट से मिली जमानत के आदेश पर रोक लगाते हुए कहा था
कि ट्रायल कोर्ट का आदेश सही नहीं है। उसे सभी दस्तावेजों पर गौर करना
चाहिए था। कोर्ट ने कहा कि ट्रायल कोर्ट को ईडी दलीलें रखने का पर्याप्त
मौका देना चाहिए। हाई कोर्ट ने कहा था कि ट्रायल कोर्ट ने मनी लांड्रिंग
एक्ट की धारा 45 की दो शर्तों का पालन नहीं किया है। हाई कोर्ट ने कहा कि
ट्रायल कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के पहले के आदेशों को सही ढंग से नहीं लिया।
हाई कोर्ट ने कहा था कि केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट की ओर से मिली अंतरिम
जमानत याचिका चुनाव प्रचार के लिए दी गई थी। ऐसे में उस आदेश का हवाला
व्यक्तिगत स्वतंत्रता के लिए नहीं दिया जा सकता है।
इस मामले में
सीबीआई ने केजरीवाल को 26 जून को गिरफ्तार किया था। केजरीवाल ने सीबीआई की
ओर से गिरफ्तारी को हाई कोर्ट में चुनौती दी है। ईडी के मामले में सुप्रीम
कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल को अंतरिम जमानत दे रखी है।





