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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:32 · नई दिल्ली संस्करण

संस्कृत भाषा संस्कृति का प्राण: आदेश चौहान

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
संस्कृत भाषा संस्कृति का प्राण: आदेश चौहान

हरिद्वार। उत्तराखण्ड संस्कृत अकादमी द्वारा आयोजित जनपद स्तरीय संस्कृत छात्र प्रतियोगिता का शुभारम्भ उत्तराखणड संस्कृत अकादमी के ओडिटोरियम में अतिथियों द्वारा सरस्वती पूजन एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम के अध्यक्ष सचिव उत्तराखण्ड संस्कृत अकादमी डॉ. मनोज किशोर पन्त, मुख्य अतिथि आदेश चौहान विधायक रानीपुर हरिद्वार, विशिष्ट अतिथि डॉ. वाजश्रवा आर्य तथा सारस्वत अतिथि डॉ. निरंजन मिश्र, डॉ. रोहिताश्व कुंवर आदि अतिथियों का स्वागत जनपद संयोजक डॉ. नवीन चन्द्र पन्त एवं डॉ. विजय त्यागी ने पुष्प माला, शाल, आदि से किया। जनपदस्तरीय संस्कृत छात्र स्पर्धा में सभी छह विकास खण्डों ने छह प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग किया।अध्यक्षीय उद्घ्बोधन में डॉ. मनोज किशोर पन्त ने कहा कि यह प्रतियोगिता 13 जनपदों में हो रही है। इनमें प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागी कनिष्ठ एवं वरिष्ठ में राज्यस्तरीय पर प्रतिभाग करेगा। मुख्य अतिथि विधायक आदेश चौहान ने कहा कि संस्कृत भाषा हमारी संस्कृति है। जिस प्रकार प्राण के बिना मनुष्य जीवित नहीं रहता उसी प्रकार संस्कृत के विना संस्कृति जीवित नहीं रह सकती, इसलिए हमें सभी को इस भाषा का संरक्षण एवं प्रचार प्रसार करना चाहिए। उत्तराखण्ड सरकार द्वितीय राजभाषा का उन्नयन कर रही है।विशिष्ठ अतिथि डॉ. वाजश्रश्रवा आर्य ने कहा कि इन्हीं प्रतियोगिताओं से छात्रों में व्यक्तित्व विकास की क्षमता बढ़ती है। उत्तराखण्ड सरकार राज्य की द्वितीय राजभाषा के प्रचार-प्रसार के लिए बहु आयामों पर कार्य कर रही है। हमें भी इस भाषा के उन्नयन के लिए आगे आना होगा। मंच संचालन डॉ. विजय त्यागी ने किया। कार्यक्रम में डॉ. निरंजन मिश्र, डॉ. प्रकाशचन्द जोशी, डॉ. प्रकाशचन्द्र तिवारी, दुर्गादत्त जोशी, डॉ. दीपशिखा शील, डॉ. श्याम लाल गौड, डा. तारादत्त अवस्थी, देवकीनन्द शर्मा, डॉ. भारती गुरुरानी, श्रीमती उमा जोशी, असीम चौधरी आदि विभिन्न समितियों में सहयोग किया।प्रतियोगिता में समूहगान स्पर्धा में आचार्यकुलम् पतञ्जलि योगपीठ प्रथम, श्रीजगद्गुरु श्रीचन्द्र संस्कृत उ.म.वि. भगवद्धाम हरिद्वार द्वितीय तथा योगी मंगलनाथ स.वि.म.इ.का. रुड़की तृतीय रहे। संस्कृत नाटक स्पर्धा में एस.एस.डी.पी.सी. कन्या इण्टर कालेज रुड़की प्रथम तथा श्रीजगद्गुरु श्रीचन्द्र संस्कृत उ.म.वि. भगवद्धाम हरिद्वार द्वितीय तथा राजा महेन्द्र प्रताप विद्यालय खानपुर तृतीय रहे।संस्कृत वाव-विवाद स्पर्धा में आचार्यकुलम् पतञ्जलि योगपीठ प्रथम तथा वैदिक संस्कृत महाविद्यालय भगवानपुर द्वितीय तथा आर्य कन्या पाठशाला इण्टर कालेज रुड़की तृतीय रहे। संस्कृत आशुभाषण स्पर्धा में आचार्यकुलम् पतञ्जलि योगपीठ प्रथम तथा वैदिक संस्कृत महाविद्यालय खुब्बनपुर द्वितीय तथा श्रीजगद्गुरु श्रीचन्द्र संस्कृत उ.म.वि.भगवद्धाम हरिद्वार तृतीय रहे। संस्कृत श्लोकोच्चारण स्पर्धा में प्रथम श्री ब्रह्मचारी रामकृष्ण सं.उ.म.वि. पालीवाल हरिद्वार तथा द्वितीय आचार्यकुलम् पतञ्जलि योगपीठ तथा वैदिक संस्कृत महाविद्यालय खुब्बनपुर भगवानपुर तृतीय रहे।कनिष्ठवर्गीय स्पर्धाओं के पुरस्कार वितरण में सहायक निदेशक संस्कृत शिक्षा हरिद्वार डॉ. वाजश्रवा आर्य एवं श्रीमती सुमन सेवानिवृत्ति शिक्षिका तथा समस्त खण्डसंयोजक डॉ. केशवदत्त बलियानी, श्रीमती श्रद्धा हिन्दू, श्रीमती उर्वशी पंवार ने विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार स्वरूप धनराशि तथा प्रमाणपत्र वितरित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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