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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:15 · नई दिल्ली संस्करण

ईरान की संघर्ष विराम अपील को हमास का समर्थन, शांति की पहल का स्वागत

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
ईरान की संघर्ष विराम अपील को हमास का समर्थन, शांति की पहल का स्वागत

तेहरान। फिलिस्तीनी संगठन हमास ने ईरान के उस रुख का समर्थन किया है, जिसमें क्षेत्र में जारी सभी संघर्षों को खत्म करने और व्यापक संघर्ष विराम लागू करने की मांग की गई है।

हमास ने ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के नवनियुक्त सचिव मोहसेन रेजाई की हालिया टिप्पणी का स्वागत किया। रेजाई ने मंगलवार को लेबनान और गाजा समेत पूरे क्षेत्र में “व्यापक संघर्ष विराम” का आह्वान किया था। उन्होंने कहा था कि जब तक इसके लिए जरूरी शर्तें पूरी नहीं होतीं, तब तक स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज बंद रहेगा।

उनकी ये टिप्पणी आईआरआईबी ने प्रकाशित की थी।

हमास के अरब और इस्लामी संबंध कार्यालय ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि युद्धों को समाप्त करना “क्षेत्र, उसके लोगों और उनके भविष्य के सर्वोत्तम हित में होगा।”

संगठन ने कहा कि युद्ध जारी रहने से केवल “दुश्मनों” को फायदा हो रहा है।

हमास के अनुसार, इन योजनाओं का उद्देश्य क्षेत्र को विभाजित करना, अस्थिरता पैदा करना और उसके संसाधनों को खत्म करना है।

ईरान की ओर से होर्मुज को युद्धविराम से जोड़ना क्षेत्रीय संकट में इस रणनीतिक जलमार्ग की अहमियत को भी रेखांकित करता है।

रेजाई ने कहा है कि होर्मुज को फिर से खोलने के लिए अमेरिका को ईरान की मांगों पर सहमत होना होगा, जिनमें युद्ध समाप्त करना और क्षेत्रव्यापी युद्धविराम शामिल हैं।

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब गाजा, लेबनान और ईरान से जुड़े संघर्षों के बीच मध्य पूर्व में तनाव लगातार बना हुआ है।

इस बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची की टिप्पणी भी सुर्खियां बटोर रही है। उन्होंने अमेरिका पर तंज कसते हुए कहा है कि दोयम दर्जे की इंटेलिजेंस की वजह से वो वस्तुस्थिति का ठीक से पता नहीं लगा पाया।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एक्स पोस्ट में कहा, "अमेरिका इंटेलिजेंस की नाकामियों की वजह से लंबे समय से गलत अंदाजा लगाता रहा है, जिसमें ईरान पर युद्ध शुरू करना भी शामिल है।"

विदेश मंत्री ने कहा, “फेक न्यूज से भी बदतर फेक इंटेलिजेंस है।”

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