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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:20 · नई दिल्ली संस्करण

अपने स्कूल पहुंचे ज्ञानेश कुमार, शिक्षक बन छात्रों को पढ़ाया जीवन का पाठ

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
अपने स्कूल पहुंचे ज्ञानेश कुमार, शिक्षक बन छात्रों को पढ़ाया जीवन का पाठ

भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार सोमवार को अपने पुराने विद्यालय कॉल्विन तालुकदार्स कॉलेज पहुंचे तो बीते दिनों की यादें ताजा हो गईं। कभी इसी विद्यालय में विद्यार्थी बनकर पढ़ाई करने वाले ज्ञानेश कुमार इस बार शिक्षक की भूमिका में नजर आए।

उन्होंने कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया और उन्हें लोकतंत्र, चुनाव, मताधिकार तथा जिम्मेदार नागरिक बनने का पाठ पढ़ाया। अपने छात्र जीवन की यादों को साझा करते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि कॉलेज ने उन्हें केवल किताबी ज्ञान नहीं दिया, बल्कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए अनुशासन, चुनौतियों से लड़ने का साहस और सही विचारों को आत्मसात करने की क्षमता भी दी।

उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि स्कूल और कॉलेज का समय जीवन का ऐसा दौर होता है, जब अच्छे शिक्षक, वातावरण और अनुभव व्यक्तित्व को गढ़ने में बड़ी भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि यहां के शिक्षकों ने उन्हें बहुत कुछ दिया और विद्यालय से मिली सीख आगे चलकर उनके जीवन में बेहद काम आई।

विद्यार्थियों से संवाद के दौरान उन्होंने कहा कि जिस तरह उन्हें अपने विद्यालय से बहुत कुछ सीखने का अवसर मिला, उसी तरह आज के विद्यार्थियों को भी अपने शिक्षकों और विद्यालय के वातावरण से मिलने वाली सीख को ग्रहण करना चाहिए।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने विद्यार्थियों को लोकतंत्र में युवाओं की भूमिका से भी अवगत कराया।

उन्होंने कहा कि मतदान महज एक अधिकार नहीं, बल्कि देश के भविष्य के निर्माण में भागीदारी का महत्वपूर्ण माध्यम है। जागरूक मतदाता ही मजबूत लोकतंत्र की आधारशिला रखते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने मताधिकार के साथ-साथ उससे जुड़ी जिम्मेदारियों को समझने के लिए प्रेरित किया। संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने चुनाव प्रक्रिया, मतदाता बनने की पात्रता, मतदान और निष्पक्ष चुनाव से जुड़े कई सवाल पूछे।

ज्ञानेश कुमार ने उनकी जिज्ञासाओं का जवाब देते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने में युवा पीढ़ी की सक्रिय और जिम्मेदार भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए यह समय खास है। इनमें से कई विद्यार्थी आने वाले समय में पहली बार मतदान करेंगे। ऐसे में उन्हें अभी से अपने अधिकारों, कर्तव्यों और लोकतांत्रिक मूल्यों को समझना चाहिए।

कॉल्विन तालुकदार्स कॉलेज पहुंचने पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त अपने पुराने दिनों को याद कर भावुक भी नजर आए। उन्होंने कहा कि लखनऊ से उनका बहुत पुराना और गहरा नाता है। यहीं से शुरुआती शिक्षा हासिल करने के बाद वह उच्च शिक्षा के लिए आगे बढ़े। लंबे समय बाद अपने विद्यालय लौटकर विद्यार्थियों के बीच आना उनके लिए विशेष अनुभव रहा।

उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में अलग-अलग दौर आते हैं। आज वे जिस दौर से गुजर रहे हैं, वह उनके व्यक्तित्व और भविष्य को आकार देने वाला समय है।

उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे अपने शिक्षकों की बातों, विद्यालय के वातावरण और यहां मिलने वाले अनुभवों से अधिक से अधिक सीखने का प्रयास करें।

उन्होंने कहा, "इस कॉलेज ने जो-जो चीजें हमें सिखाईं, वे मेरे जीवन में आगे बहुत काम आईं। यहां के बच्चों से संवाद करते हुए मैंने उनसे यही कहा कि जीवन का यह समय ऐसा होता है, जब स्कूल बहुत सारी चीजें देता है। अच्छे शिक्षक और स्कूल का वातावरण बहुत कुछ सिखाते हैं। उन विचारों और सीख को ग्रहण करने वाला होना चाहिए।"

ज्ञानेश कुमार ने विद्यार्थियों के साथ संवाद को सुखद अनुभव बताते हुए कहा कि उनके लिए यह मुलाकात एक तरह से अतीत और वर्तमान के बीच संवाद जैसी रही।

एक दौर उनका था, जबकि दूसरा दौर आज इन विद्यार्थियों का है। उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे समय में मुख्य निर्वाचन आयुक्त का उन विद्यार्थियों से संवाद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जो आने वाले समय में मतदाता बनने जा रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान चुनावी साक्षरता और जागरूक मतदाता बनने का संदेश प्रमुखता से दिया गया।

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