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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:28 · नई दिल्ली संस्करण

शनिवार से मनाई जाएगी आषाढ मास की गुप्त नवरात्रि,16 को होगी विजयादशमी : ज्योतिषाचार्य पंडित तरुण झा

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन

सहरसा,। कोसी क्षेत्र के चर्चित ज्योतिषाचार्य पंडित तरुण झा के

अनुसार इस मास में शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से आषाढ गुप्त नवरात्रि का

आरंभ होता है।

इस साल आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 06 जुलाई यानि शनिवार से

शुरु हो रही है। धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से आषाढ़ मास की गुप्त

नवरात्रि का बड़ा ही महत्व है। ज्ञात हो कि वर्ष में आदि शक्ति मां भगवती

की उपासना के लिए चार नवरात्रि आती है। इसमें दो गुप्त एवं दो उदय नवरात्रि

होती है। चैत्र और अश्विन मास की नवरात्रि उदय नवरात्रि के नाम से जानी

जाती है।

आषाढ़ और माघ की नवरात्रि गुप्त नवरात्रि के नाम से जानी

जाती है। मान्यता के अनुसार गुप्त नवरात्रि के दौरान अन्य नवरात्रि की तरह

ही पूजन करने का विधान है। इन दिनों भी 9 दिन के उपवास का संकल्प लेते हुए

प्रतिपदा से नवमी तक प्रतिदिन सुबह-शाम मां दुर्गा की आराधना करनी चाहिए।

इन नवरात्रि में 10 महाविद्याओं का पूजन होता है। ये नवरात्रि तंत्र साधना

के लिए बहुत अधिक महत्व रखती है।

क्या है गुप्त नवरात्रि :-

गुप्त

नवरात्रि किसी खास मनोकामना की पूजा के लिए तंत्र साधना का मार्ग लेने का

पर्व है। किंतु अन्य नवरात्रि की तरह ही इसमें भी व्रत-पूजा, पाठ, उपवास

किया जाता है। इस दौरान साधक देवी दुर्गा को प्रसन्न करने के अनेक उपाय

करते हैं। इसमें दुर्गा सप्तशती पाठ,दुर्गा चालीसा,दुर्गा सहस्त्रनाम का

पाठ काफी लाभदाय माना गया है। यह नवरात्रि धन, संतान सुख के साथ-साथ शत्रु

से मुक्ति दिलाने में भी कारगर है।

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