मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:34 · नई दिल्ली संस्करण

गुजरात : रिश्वतखोरी के पुराने मामले में सीबीआई कोर्ट ने डीआरटी इंस्पेक्टर और वकील को दो साल की सजा सुनाई

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
गुजरात : रिश्वतखोरी के पुराने मामले में सीबीआई कोर्ट ने डीआरटी इंस्पेक्टर और वकील को दो साल की सजा सुनाई

अहमदाबाद। अहमदाबाद की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) विशेष अदालत ने रिश्वतखोरी के एक पुराने मामले में दोषी ठहराए गए दो आरोपियों को सजा सुनाई है।

अदालत ने अनिल कुमार शर्मा (तत्कालीन रिकवरी इंस्पेक्टर, डेट रिकवरी ट्रिब्यूनल - डीआरटी, आश्रम रोड) और अमित कोटक (डीआरटी के वकील) को दो साल की कड़ी कैद और कुल 1.5 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।

यह मामला साल 2009 का है। सीबीआई ने 15 जनवरी 2009 को शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि अनिल कुमार शर्मा और अमित कोटक ने तीन संपत्तियों की नीलामी का मामला जल्द निपटाने और शिकायतकर्ता के चचेरे भाई की पहले से नीलाम हो चुकी संपत्ति की नीलामी को टालने के बदले 3.50 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी।

अनिल कुमार शर्मा ने पहले 1 लाख रुपए देने को कहा और बाकी 2.50 लाख बाद में देने की बात की।

सीबीआई ने जाल बिछाया और 16 जनवरी 2009 को अमित कोटक को शिकायतकर्ता से 1 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। उसी दिन अनिल कुमार शर्मा को भी गिरफ्तार किया गया।

सीबीआई ने दोनों आरोपियों के घर और कार्यालय में तलाशी ली। जांच पूरी होने के बाद 26 नवंबर 2009 को चार्जशीट दाखिल की गई।

लंबे ट्रायल के बाद अदालत ने दोनों को दोषी करार दिया और अब सजा सुनाई है।

इससे पहले सीबीआई ने राजधानी दिल्ली में बड़ी कार्रवाई करते हुए एमसीडी (दिल्ली नगर निगम) के असिस्टेंट इंजीनियर (एई) को रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया। आरोपी असिस्टेंट इंजीनियर दिल्ली के शाहदरा जोन में तैनात था।

यह मामला सरकारी अधिकारियों और वकीलों द्वारा रिश्वत मांगने के खिलाफ सीबीआई की सख्त कार्रवाई का उदाहरण है। जांच एजेंसी ने साफ किया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें