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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:24 · नई दिल्ली संस्करण

हक की आवाज उठाने पर गार्डों को नौकरी से निकालने की धमकी

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
हक की आवाज उठाने पर गार्डों को नौकरी से निकालने की धमकी

किशनगंज। जिले के सदर अस्पताल सहित विभिन्न सरकारी अस्पतालों में तैनात सुरक्षा गार्डों ने आउटसोर्सिंग एजेंसी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। गार्डों का कहना है कि वेतन कटौती, फर्जी भुगतान और अन्य अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाने पर उन्हें नौकरी से निकालने की धमकी दी जा रही है। गार्डों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि एजेंसी से जुड़े लोग उन पर लगातार दबाव बना रहे हैं कि वे किसी भी प्रकार का विरोध न करें। हाल के दिनों में कई गार्डों को सादे कागज पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया जा रहा है, ताकि भविष्य में उनके खिलाफ इसका उपयोग किया जा सके। विरोध करने वालों को साफ तौर पर सेवा समाप्ति की चेतावनी दी जा रही है।

हालांकि एजेंसी के प्रतिनिधि ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है। सुरक्षा गार्डों का आरोप है कि सरकार द्वारा तय भुगतान और उन्हें मिलने वाले वेतन में भारी अंतर है। सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी के अनुसार एक्स सर्विसमैन श्रेणी के गार्ड के लिए सरकार प्रतिदिन 1293 रुपये का भुगतान करती है, जबकि गार्डों को मात्र 500 रुपये दिए जा रहे हैं। वहीं सिविल गार्डों के लिए 755 रुपये प्रतिदिन के भुगतान के मुकाबले उन्हें केवल 290 रुपये ही मिल रहे हैं। शेष राशि एजेंसी द्वारा रख ली जाती है और इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया जाता। इसके अलावा बहाली के समय 20 से 30 हजार रुपये तक अवैध वसूली किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। गार्डों को न तो सैलरी स्लिप दी जाती है और न ही उनके अधिकारों की जानकारी दी जाती है।महिला गार्डों ने भी धमकी दिए जाने की बात कही है। सदर अस्पताल में सुरक्षा गार्डों की तैनाती और भुगतान में गड़बड़ी के आरोपों की जांच पूरी हो चुकी है। जांच में यह भी सामने आया कि कई गार्डों को एक्स सर्विसमैन बताकर भुगतान लिया जा रहा था, लेकिन इसके समर्थन में वैध दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे। जांच टीम ने रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी है।

जिलाधिकारी ने सिविल सर्जन को पत्र भेजकर आउटसोर्सिंग एजेंसी और संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। शिकायतकर्ता कांग्रेस के किशनगंज जिलाध्यक्ष इमाम अली चिंटू ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि पूरे जिले में बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ी सामने आ सकती है। इधर, सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल सुरक्षा गार्डों में भय का माहौल है और वे अपनी नौकरी बचाने के साथ-साथ न्याय की उम्मीद लगाए हुए है।

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