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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:20 · नई दिल्ली संस्करण

जीएसटी रिफॉर्म से एमएसएमई के लिए लागत और जटिलता में आएगी कमी, अनुपालन में भी सुधार होगा: रिपोर्ट

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
जीएसटी रिफॉर्म से एमएसएमई के लिए लागत और जटिलता में आएगी कमी, अनुपालन में भी सुधार होगा: रिपोर्ट

नई दिल्ली। अमेरिकी टैरिफ के कारण अनिश्चित माहौल में जीएसटी सुधार के आने से अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक असर होगा और एमएसएमई को भी इससे फायदा होगा। यह जानकारी सोमवार को जारी एक रिपोर्ट में दी गई।

एसबीआई म्यूचुअल फंड की रिपोर्ट में बताया गया कि जीएसटी काउंसिल ने टैक्स स्ट्रक्चर में तीन स्लैब- 5 प्रतिशत, 18 प्रतिशत और 40 प्रतिशत रखे हैं। इससे विशेषकर एमएसएमई के लिए अनुपालन में सुधार हो सकता है। साथ ही, जटिलता और लागत में कम आएगी।

वहीं, उपभोक्ताओं को दैनिक उपयोग की वस्तुओं, छोटी कारों, दोपहिया वाहनों, स्वास्थ्य बीमा, कृषि उपकरण और सीमेंट सहित कई अन्य श्रेणियों पर कर दरों में कटौती का लाभ मिलेगा।

सरकार ने यह सुधार व्यक्तिगत आयकर में कटौती और खुदरा ऋण मानदंडों को आसान बनाने सहित मांग को प्रोत्साहित करने के लिए पहले उठाए गए कदमों के बाद किए हैं, जिससे मांग को और बूस्ट मिलने की उम्मीद है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि नीतिगत समर्थन से उत्साहित, उपभोक्ता-केंद्रित क्षेत्र पहले से ही अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।

भारत-यूएस ट्रेड डील पर रिपोर्ट में कहा गया कि सरकार अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता जारी रखेगी, लेकिन अन्य देशों में विविधीकरण बढ़ाने पर भी ध्यान देना होगा, क्योंकि वैश्विक व्यापार में अमेरिका की हिस्सेदारी में गिरावट जारी रहने की संभावना है क्योंकि वह अपने अन्य देशों के साथ अपने व्यापार घाटे को कम कर रहा है।

रिपोर्ट में मुताबिक, भारत-चीन संबंधों में हालिया सामान्यीकरण दोनों के बीच मजबूत आर्थिक संबंधों की संभावित शुरुआत की ओर इशारा करता है।

वर्तमान में, भारत का चीन के साथ 100 अरब डॉलर से अधिक का व्यापार घाटा है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन द्वारा इस अधिशेष का कुछ हिस्सा एफडीआई (प्रत्यक्ष विदेशी निवेश) के माध्यम से भारत में वापस लाना दोनों पक्षों के लिए लाभकारी हो सकता है।

रिपोर्ट के अनुसार, भारत अपने विनिर्माण क्षेत्र को विकसित करने और रोजगार सृजन के लिए पूंजी और तकनीकी ज्ञान का उपयोग कर सकता है, और दूसरी ओर, चीन को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था तक पहुंच प्राप्त होगी।

हालांकि, इसमें कुछ क्षेत्रों में डंपिंग के खिलाफ स्थानीय उद्योग की सुरक्षा के साथ-साथ राष्ट्रीय हितों की रक्षा के बीच एक अच्छा संतुलन बनाना भी शामिल है।

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