झारखंड के माननीयों पर सरकार मेहरबान,सीएम से लेकर मंत्री और विधायकों का बढ़ा वेतन भत्ता, झारखंड में होगी जातिगत जनगणना

झारखंड के माननीयों पर सरकार मेहरबान,सीएम से लेकर मंत्री और विधायकों का बढ़ा वेतन भत्ता, झारखंड में होगी जातिगत जनगणना
रांची: झारखंड के माननीयों पर चंपाई सोरेन सरकार मेहरबान है। सीएम चंपाई सोरेन ने बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में माननीय विधायक के वेतन एवं अन्य सुविधा पर मुहर लगा दिया है। सरकार के मुख्यमंत्री, मंत्री, नेता प्रतिपक्ष, विधानसभा के विधानसभाध्यक्ष, मुख्य सचेतक आदि का वेतन भत्ता बढाने की मंजूरी प्रदान कर दी है। साथ ही बिहार की तर्ज पर झारखंड में भी जातिगत जनगणना होगी.। झारखंड में इंडिया गठबंधन की अगुवाई वाले चंपाई सोरेन सरकार ने इसकी मंजूरी प्रदान कर दी है। यह जिम्मा कार्मिक, प्रशासनिक विभाग को दिया गया है। पहले यह तय नहीं हो पा रहा था कि कौन विभाग कराएगा। मगर सरकार ने इसकी जिम्मेवारी तय कर दी है। इसके साथ ही अब जातिगत गणना का रास्ता साफ हो गया है। अब विधायकों को वेतन 60000 प्रतिमाह, क्षेत्रीय भत्ता 80000, सत्कार भत्ता 40000, दैनिक भत्ता राज्य के अंदर 3000, राज्य के बाहर 4000 प्रति दिन 1 लाख रुपए लगभग प्रतिमाह मिलेगा। वहीं विधायकों के निजी सहायक को 50000 पर प्रतिमा अनु सेवक को 30000 प्रतिमाह, कंप्यूटर लैपटॉप प्रिंटर का प्रावधान एक लाख रुपए सवारी भत्ता 5000 प्रतिमाह मिलेगा। समाचार पत्र 3000 रुपए प्रतिमाह, होम लोन की सुविधा 60 लाख रुपया 4 प्रतिशत वार्षिक ब्याज पर ,पेंशन 50000 प्रतिमाह पेंशन में वार्षिक वृद्धि 5000 प्रतिमाह अधिकतम दो लाख तक निजी परिसहाय पूर्व सदस्यों को एक निजी परिसहाय के लिए 15000 प्रतिमाह देय होगा। वहीं सचेतक को 75000 प्रतिमाह उप सचेतक को 70000 रुपए प्रतिमाह सचेतक को 60000 प्रतिमाह मिलेगा। सत्कार भत्ता 55000, क्षेत्रीय भत्ता 65000, प्रभारी भत्ता 3000, राज्य के अंदर 4000 राज्य के बाहर लगभग एक लाख रुपये प्रतिमाह। कंप्यूटर की सुविधा 100000 तक और होम लोन 60 लाख तक मिलेगा।
नेता विरोधी दल वेतन 850000 प्रतिमाह, क्षेत्रीय भत्ता 95 हजार रुपए प्रतिमाह सत्कार भत्ता 55000 पर प्रतिमाह होम लोन 60 लाख तक और प्रभारी भत्ता राज्य के अंदर 3000 राज्य के बाहर 4000 मिलेगा। विधानसभा अध्यक्ष का वेतन 98000 प्रतिमाह , उपाध्यक्ष को 75000 प्रतिमाह, होम लोन 60 लाख रुपए तक 4 प्रतिशत वार्षिक ब्याज पर,
प्रभारी भत्ता 3000 राज्य के अंदर और राज्य के बाहर 4000 प्रतिदिन लगभग 1 लाख रुपए प्रतिमाह, क्षेत्रीय भत्ता 80000 और सत्तकार भत्ता 70000 और 55000 प्रतिमाह अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को दिया जायेगा। आपको बता दे कि झारखंड विधानसभा में विधायक की ओर से वेतन वृद्धि को लेकर मांग उठी थी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के कार्यकाल में भी सदन के अंदर सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के द्वारा मांग उठती रही और यह सिलसिला जारी रहा। हालांकि इसे पूरा करने में चंपाई सरकार सफल हुई।





