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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:38 · नई दिल्ली संस्करण

सरकार 2025-26 की पहली छमाही में उधार से जुटाएगी आठ लाख करोड़ रुपये

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
सरकार 2025-26 की पहली छमाही में उधार से जुटाएगी आठ लाख करोड़ रुपये

नई दिल्ली। केंद्र सरकार वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर) के दौरान दीर्घकालीन प्रतिभूतियों के जरिए आठ लाख करोड़ रुपये का कर्ज जुटाने की योजना बना रही है। यह राशि राजस्व अंतर को पूरा करने के लिए जुटायी जाएगी।वित्त मंत्रालय ने गुरुवार को जारी एक बयान में कहा कि अगामी वित्‍त वर्ष 2025-26 के लिए बाजार से कुल 14.82 लाख करोड़ रुपये का कर्ज जुटाए जाने का अनुमान है। इसमें से लंबी और निश्चित परिपक्वता अवधि वाली प्रतिभूतियों के जरिए पहली छमाही में आठ लाख करोड़ रुपये यानी 54 फीसदी कर्ज लेने की योजना है। इसमें 10 हजार करोड़ रुपये के सरकारी हरित बॉन्ड शामिल हैं।मंत्रालय ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में अगले वित्त वर्ष में राजस्व की कमी को पूरा करने के लिए दीर्घकालीन प्रतिभूतियां जारी कर 14.82 लाख करोड़ रुपये उधार लेने का प्रस्ताव किया है। वहीं, वित्त वर्ष 2025-26 में राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 4.4 फीसदी पर रहने का अनुमान है, जबकि चालू वित्त वर्ष 2024-24 में इसके 4.8 फीसदी रहने की संभावना है।वित्‍त मंत्रालय ने कहा कि निरपेक्ष रूप से राजकोषीय घाटा अगामी वित्‍त वर्ष 2025-26 के लिए 15,68,936 करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया गया है। इसके मद्देनजर राजकोषीय घाटे की भरपाई के लिए दीर्घकालीन प्रतिभूतियों से शुद्ध बाजार कर्ज 11.54 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है। शेष राशि लघु बचत और अन्य स्रोतों से आने की उम्मीद है।उल्‍लेखनीय है कि केंद्रीय वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा था, ‘‘वित्त वर्ष 2025-26 में कर्ज के अलावा कुल प्राप्तियां और व्यय क्रमशः 34.96 लाख करोड़ रुपये और 50.65 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। शुद्ध कर प्राप्तियां 28.37 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।’’

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