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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:26 · नई दिल्ली संस्करण

केंद्र ने तय की गेहूं की स्टॉक सीमा, व्यापारियों को 15 दिन में घटाना होगा स्टॉक

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने जमाखोरी रोकने और बाजार में कीमत को स्थिर रखने के लिए थोक व्यापारियों और खुदरा विक्रेताओं के लिए गेहूं की स्टॉक सीमा लागू कर दी है। थोक व्‍यापारी, खुदरा विक्रेताओं, व्यापारियों, स्टॉकिस्टों और प्रोसेसरों पर गेहूं की स्टॉक सीमा 31 मार्च, 2026 तक लागू रहेगी।खाद्य मंत्रालय की ओर से जारी निर्दिष्ट खाद्य पदार्थों पर लाइसेंसिंग आवश्यकताओं, स्टॉक सीमाओं और आवागमन प्रतिबंधों को हटाने (संशोधन) आदेश 27 मई को जारी किया गया है, जो सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 31 मार्च 2026 तक लागू रहेगा। इस आदेश के तहत प्रत्येक श्रेणी के लिए विशिष्ट मात्रा निर्धारित की गई है, जबकि उन्हें अगले 15 दिनों के भीतर निर्धारित सीमा से अधिक मात्रा में गेहूं का निपटान करने के लिए कहा गया है। आदेश के मुताबिक अब थोक व्यापारी 3 हजार मीट्रिक टन गेहूं रख सकते हैं, जबकि खुदरा विक्रेता के लिए स्टॉक की सीमा 10 मीट्रिक टन रखी गई है।मंत्रालय की ओर से जारी आदेश के मुताबिक स्टॉक की जानकारी सभी गेहूं भंडारण संस्थाओं को प्रत्येक शुक्रवार को गेहूं स्टॉक पोर्टल https://evegoils.nic.in/wsp/login पर देना है, जिसे समय के साथ https://foodstock.dfpd.gov.in पर स्थानांतरित कर दिया जाएगा। गेहूं की स्टॉक की स्थिति घोषित करना आवश्यक है। यदि कोई भी संस्था पोर्टल पर पंजीकृत नहीं पाई गई या स्टॉक सीमा का उल्लंघन करती पाई गई, तो उसके विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 6 और 7 के तहत उचित दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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